चंपावत/लोहाघाट। जिला पंचायत रविवार को अपनी किराए की दुकानों को खाली करवाने के लिए बुलडोजर नहीं चलवा सकेगा। पंचायत के इस निर्णय के खिलाफ प्रभावित दुकानदारों को अदालत से राहत मिली है।
सिविल जज सीनियर हेमंत सिंह राणा ने दुकानदार संगीता पुनेठा और अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए फिलहाल यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 16 मई को होगी। अदालत की ओर से मिली फौरी राहत के बाद प्रभावित दुकानदारों ने राहत की सांस ली है।
लोहाघाट के चौक बाजार पर जिला पंचायत ने वर्षों पूर्व दुकान किराए पर दी थी। इन पुरानी दुकानों को तोड़कर दोमंजिला कांप्लैक्स बनाएगा। इसके लिए पंचायत ने इन दुकानों को खाली करनी की प्रक्रिया शुरू की। नोटिस देने के बाद पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी ने नोटिस देकर दुकान खुद खाली नहीं करने पर 14 मई को बुलडोजर से तोड़ने का निर्णय लिया था। इससे दुकानदार संजय वर्मा, डीडी पांडेय, गीता देवी, विनोद सार्की, कैलाश खर्कवाल, संजय, जीवन गहतोड़ी, विपिन लाल वर्मा, नारायण लाल साह, उमेद सिंह मेहता और हिमांशु सक्टा को फिलहाल राहत मिल गई है।
जिला पंचायत के प्रभारी एएमए अनिल रावत का कहना था कि पंचायत दुकान के बदले कांप्लैक्स बनाएगी। इसलिए इसे तोड़ने का निर्णय लिया गया था। डेढ़ साल में दुकानदारों को चार बार नोटिस भी दिए गए थे, लेकिन दुकानें खाली नहीं की गई। एएमए का कहना है कि अदालत के स्थगनादेश के बाद पंचायत अपना पक्ष रखेगी।