देवीधुरा क्वारंटीन सेंटर को जा रहे पुणे के प्रवासी। (फाइल फोटो )
- फोटो : AMAR UJALA
अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत। पुणे से आए प्रवासी नागरिकों को देवीधुरा डिग्री कॉलेज में बनाए क्वारंटीन सेंटर ले जा रही बस का रास्ता रोकने के मामले में जांच शुरू हो गई है। इस मामले में घटना के चार दिन बाद पाटी थाने में एक ग्राम प्रधान, पांच महिलाओं सहित कुल 25 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच अधिकारी ने प्रत्यक्षदर्शियों के बयान लेना शुरू कर दिया है।
26 प्रवासियों को 28 मई को प्रवासियों को लोहाघाट से देवीधुरा राजकीय डिग्री कॉलेज क्वारंटीन करने ले जा रही बस का देवीधुरा में ग्रामीणों ने रास्ता रोककर छह घंटे तक जाम लगाया था। साथ ही पुलिस कर्मियों पर पथराव भी किया था। जिसमें तीन पुलिस कर्मी चोटिल हो गए थे। पाटी के थानाध्यक्ष नारायण सिंह की शुरुआती जांच के बाद 31 मई को इस मामले में देवीधुरा के ग्राम प्रधान ईश्वर सिंह बिष्ट सहित कुल 25 ग्रामीणों के खिलाफ रविवार को भारतीय दंड संहिता की धारा 147, 149, 188, 186, 269, 270, 332, 353, 341 व आपदा प्रबंधन की धारा 51 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। इन आरोपियों में पांच महिलाएं भी हैं। जांच अधिकारी दरोगा नवल किशोर की कोरोना महमारी के मद्देनजर यद्यपि वालिग सीमा पर ड्यूटी लगी है, इसके बावजूद उन्होंने तफ्तीश शुरू कर दी है। घटना के कई प्रत्यक्षदर्शियों के बयान ले लिए गए हैं। इस मामले में तहसीलदार सचिन कुमार, राजस्व उप निरीक्षक मनोज गहतोड़ी, प्रदीप जुकरिया आदि सबसे पहले मौके पर पहुंचने वालों में थे। जांच अधिकारी ने इन अधिकारियों से घटना का ब्यौरा ले बयान दर्ज किए हैं। दरोगा नवल किशोर का कहना है कि जांच को जल्द से जल्द पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा।
देवीधुरा में धरने पर बैठे ग्रामीण। (फाइल फोटो )
- फोटो : AMAR UJALA
देवीधुरा में धरने पर बैठे ग्रामीण। (फाइल फोटो )