कार्यक्रमों को लोहाघाट में अंतिम रूप देते राज्य आंदोलनकारी।
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राज्य आंदोलनकारी संगठन ने आंदोलनकारियों की उपेक्षा पर नाराजगी जताई है। रविवार को नवीन मुरारी की अध्यक्षता और राजू गड़कोटी और जीवन मेहता के संचालन में हुई बैठक में राज्य की मूल भावना से भटकने का आरोप लगाया गया।
कहा गया कि राज्य निर्माण का वास्तविक मकसद 18 साल बाद भी पूरा नहीं हो सका है। 9 नवंबर को रामलीला मैदान में राज्य स्थापना दिवस को उत्सव के रूप में मनाय जाएगा। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए शहादत देने वाले आंदोलनकारियों को याद कर उनसे संबंधित नाटकों का भी प्रदर्शन होगा।
जिले को एक नई दिशा, दशा देने का प्रयास किया जाएगा। राज्य आंदोलनकारियों ने जिले में उत्तराखंड राज्य निर्माण सेनानी संगठन बनाने का निर्णय लिया। जिसके तत्वाधान में ब्लॉक स्तर पर कार्यकारिणी गठित करते हुए जिले के विकास का मूर्त रूप देने का प्रयास किया जाएगा।
बैठक में पदमादत्त पुनेठा, ब्रजेश माहरा, कैलाश चिलकोटी, सुरेंद्र बोरा, भुवन खर्कवाल, भुवन जोशी, प्रहलाद मेहता, भूपाल मेहता, हरीश चंद्र उप्रेती, पूरन उप्रेती, राजकिशोर ओली, राम सिंह बोरा, अर्जुन ढेक, भगीरथ भट्ट आदि राज्य आंदोलनकारी मौजूद थे।