राज्य बनने के 17 साल बाद चंपावत जिले में एक भी खेल स्टेडियम नहीं बन सका है। दो साल पहले जिले के पहले स्टेडियम का लोहाघाट के छमनियांचौड़ में निर्माण शुरू हुआ। ढाई करोड़ रुपये की रकम आई भी और कुछ काम हुआ भी, लेकिन पिछले साल से आगे की किश्त नहीं आने से काम लटक गया। शासन की ओर से बजट अवमुक्त नहीं होने के कारण छमनियां चौड़ में निर्माणाधीन स्टेडियम का निर्माण कार्य बंद हो गया है।
बरसात के मौसम में अधूरे कार्यों के साथ ही मैदान कटिंग की मिट्टी के बहने का अंदेशा पैदा हो गया है, जबकि अब तक नाली निर्माण नहीं करने से निकटवर्ती ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम के सहायक अभियंता पुष्पेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि खेल निदेशालय की ओर से स्टेडियम निर्माण के लिए प्रस्तावित 1092.68 लाख रुपये के सापेक्ष अब तक 250 लाख रुपये अवमुक्त किए गए हैं।
इसमें 400 मीटर रनिंग ट्रैक के टेरेस कटिंग कार्य पूर्ण करने के साथ मैदान को 90 फीसदी समतल बना दिया गया है। इसके अलावा मैदान के चारों ओर रिटेनिंग वॉल का निर्माण, चहारदीवारी आदि के कार्य कराए गए हैं। उनका कहना है कि वर्तमान में धनाभाव के कारण निर्माण कार्य बंद है। बरसात के कारण कई स्थानों से मिट्टी कट रही है तथा चहारदीवारी में गड्ढे पड़ने लग गए हैं।
क्रीड़ाधिकारी और अभियंता ने निरीक्षण किया
चंपावत। जिला क्रीड़ाधिकारी राजेंद्र सिंह धामी और कार्यदायी संस्था यूपी निर्माण निगम के सहायक अभियंता पुष्पेंद्र कुमार वर्मा ने छमनियांचौड़ में निर्माणाधीन स्टेडियम का निरीक्षण किया। जिला क्रीड़ाधिकारी ने बताया कि मैदान कटिंग से निकली हुई मिट्टी को रोका जाना अति आवश्यक है।
कार्यदायी संस्था की ओर से इस कार्य के लिए अवमुक्त धनराशि व्यय कर दी है। कार्य प्रगति बनाए रखने एवं स्टेडियम के प्रस्तावित सभी कार्यों को पूर्ण करने के लिए स्वीकृत आगणन के सापेक्ष 842.68 लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त की जानी है।
निदेशालय के खत से जगी काम शुरू होने की आस
चंपावत। खेल निदेशालय की ओर से खेल विभाग को भेजे गए खत से छमनियांचौड़ में स्टेडियम का काम फिर से शुरू होने की आस जगी है। निदेशालय की ओर से सात जून को जिला क्रीड़ाधिकारी को पत्र लिखकर अब तक स्टेडियम के विभिन्न निर्माण कार्यों के स्थलीय निरीक्षण करने और निरीक्षण आख्या मय फोटोग्राफ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।