बनबसा धनुषपुल एसएसबी के कब्जे में तस्करी की सामग्री और वाहन।
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बनबसा के धनुषपुल स्थित एसएसबी ए कंपनी ने एक तस्कर को करीब पांच क्विंटल चायनीज मटर की खेप के साथ पकड़ा। एसएसबी ने तस्कर को पकड़ी गई सामग्री के साथ कस्टम के सुपुर्द कर दिया। तस्करी में प्रयुक्त वाहन को भी जब्त किया गया है। विदेशी मटर नेपाल से तस्करी कर भारत में बेचने को लाई जा रही थी।
बीते रविवार की शाम एसएसबी 57 वीं वाहिनी की धनुषपुल स्थित ए कंपनी के जवान भारत-नेपाल सीमा पर सघन चेकिंग अभियान पर थे। इसी बीच एसएसबी जवानों को किसी के द्वारा नेपाल से तस्करी का सामान आने की सूचना मिली। एसएसबी जवान तस्करी का सामान पकड़ने को घात लगा कर मुस्तैद हो गए। रात करीब 7.30 बजे उन्हें नेपाल की ओर से गढ़ीगोठ की ओर एक वाहन आता दिखाई दिया। एसएसबी ने वाहन टाटा मैजिक लोडर संख्या यूके 03 सीए 0920 को रोककर तलाशी ली तो उसमें रखे दूध के केन (ड्रम) के नीचे छुपाकर रखीं 19 बोरियां मिलीं। बोरियों में चायनीज मटर थी।
एसएसबी ए कंपनी प्रभारी रविंद्र कुमार (निरीक्षक) ने बताया कि बोरियों में करीब 4.95 क्विंटल मटर थी। बताया कि पकड़ा गया तस्कर गढ़ीगोठ के भैंसाझाला निवासी जगदीश कापड़ी को मय सामान के खटीमा स्थित कस्टम को सौंप दिया गया है। उन्होंने बताया कि तस्कर के पास बिल ऑफ एक्सपोर्ट और कस्टम क्लेयरेंश नहीं था। कस्टम ने पकड़ी गई चायनीज मटर जब्त कर तस्कर के खिलाफ कस्टम एक्ट में मुकदमा दर्ज कर तस्कर को छोड़ दिया है। पकड़ी गई सामग्री का मूल्यांकन कस्टम विभाग की ओर से किया जाएगा।
एसएसबी की टीम का नेतृत्व एएसआई हीरा सिंह ने किया। बता दें कि भारत-नेपाल के बीच केवल बनबसा बैराज से होकर जाने वाला मार्ग ही वैधानिक मार्ग है। कस्टम अधीक्षक एके सिन्हा ने बताया कि अन्य स्थानों से किसी तरह के सामान आदि के लाने ले जाने पर कस्टम एक्ट में कार्रवाइ की जाती है।