चंपावत। जिले बीते मंगलवार की शाम को अचानक मौसम ने करवट बदली और आंधी चलने लगी। आंधी में सीमांत भारत-नेपाल सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की चूका चौकी की बैरक को भारी नुकसान पहुंचाया। गनीमत रही कि बड़ा हादसा होने से बच गया। किसी जवान को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
सीमा क्षेत्र में आई आंधी में बैरक की छत पर लगी 40 टिनशेड उखड़कर पीछे जा गिरीं और सीमा चौकी पर स्थापित एक सोलर प्लेट भी क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के बाद बैरक में मौजूद जवानों और जरूरी सामान को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया। एसएसबी अधिकारियों ने बताया कि चूका चौकी पर तैनात सभी जवान पूरी तरह सुरक्षित हैं। राहत की बात यह रही कि इस पूरी घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
एसएसबी अधिकारियों के अनुसार, आंधी से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। बैरक की क्षतिग्रस्त छत टिनशेड और सोलर प्लेट की मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और सीमा चौकी पर सभी गतिविधियां सामान्य रूप से जारी हैं।
पंचेश्वर क्षेत्र में काश्तकारों को हुआ भारी नुकसान
लोहाघाट (चंपावत)। भारत-नेपाल सीमा स्थित पंचेश्वर क्षेत्र में आई आंधी से काश्तकारों को नुकसान पहुंचा है। आम, लीची आदि फलों के अलावा फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। आंधी में कई पेड़ों की फलों से लदी टहनियां टूट गईं। पंचेश्वर घाटी के काश्तकार ओंकार सिंह धौनी ने बताया कि उनके लीची के पेड़ों की टहनियां फलों समेत टूट गईं। साथ ही आम के लगभग तीन से चार क्विंटल फल भी टूटकर गिर गए। ग्राम भकुंडा में काश्तकार तेज सिंह और वीर सिंह सामंत के आम के बागानों को भी भारी क्षति पहुंची है। उन्नत काश्तकार मोहन चंद्र पंत, श्याम पंत और जयदत्त पंत के आम के बगीचों में भी क्विंटलों की तादाद में फल समय से पहले टूटकर गिर गए। पीड़ित किसानों ने प्रशासन से मुआवजा दिए जाने की मांग की है। जिला उद्यान अधिकारी मोहित मल्ली ने बताया कि टीम को भेजकर काश्तकारों को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। रिपोर्ट बनाकर प्रशासन को प्रेषित की जाएगी। संवाद