चंपावत के गोरलचौड़ मैदान में फुटबॉल का प्रशिक्षण देने से पूर्व नन्हें खिलाड़ियों को अभ्यास कराते
चंपावत। मार्च-अप्रैल का महीना बोर्ड और गृह परीक्षाओं का रहता है। अमूमन खेलों के प्रशिक्षण भी बंद रहते हैं लेकिन चंपावत का गोरलचौड़ मैदान इसका अपवाद है। परीक्षाओं के अलावा यहां खेलों का प्रशिक्षण भी हो रहा है। सुबह और शाम गोरलचौड़ मैदान में खिलाड़ियों की चहल-पहल रहती है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 24 फरवरी को खिलाड़ियों के आग्रह पर ये विशेष व्यवस्था करवाई है। यहां सुबह प्रशिक्षक नितिन तड़ागी 20 से अधिक बच्चों को फुटबाॅल की बारीकियां सिखा रहे हैं। वहीं शाम को प्रशिक्षक नरेंद्र एथलेटिक्स और गौरव पंत हॉकी का हुनर दे रहे हैं। डीएसओ बीसी पंत ने बताया कि इन प्रशिक्षकों के मानदेय की व्यवस्था जिला प्रशासन ने की है। खेल विभाग हर साल दस महीने (15 अप्रैल से 15 फरवरी) तक खेल शिविर लगाता है। लोहाघाट में चार, टनकपुर, बनबसा में सात-सात खेलों के प्रशिक्षण होते हैं लेकिन यहां ये प्रशिक्षण 15 फरवरी के बाद से बंद हैं।
प्रदेश वॉलीबाल के लिए चंपावत में ट्रायल कल
चंपावत। 17 फरवरी से तीन दिन तक टनकपुर स्टेडियम में होने वाली राज्य आमंत्रण ओपन महिला वॉलीबाॅल प्रतियोगिता के आयोजन की तैयारी के साथ टीम चयन के लिए ट्रायल की तैयारी भी हो रही है। डीएसओ बीसी पंत ने बताया कि जिले की टीम के चयन के लिए 14 मार्च को गोरलचौड़ मैदान में दोपहर तीन बजे से ट्रायल होगा। ट्रायल के लिए आधारकार्ड लाना अनिवार्य होगा। वॉलीबाॅल प्रतियोगिता में सभी जिलों की टीमें हिस्सा लेंगी।