यात्रियों को झेलनी पड़ी परेशानी
यह पाइप ठीक हुआ तभी सड़क पर पड़े पेड़ को काटने वाली वुडकटर ने जवाब दे दिया। इसके ठीक नहीं होने पर वन दरोगा रेवाधर जोशी ने टनकपुर से दूसरी मशीन मंगवा कर पेड़ कटवाया। अलबत्ता इस कवायद में एक घंटे का समय और लगा। सुबह साढ़े नौ बजे मलबा हटा कर आवाजाही सुचारु की गई।
उधर सड़क बंद होने पर टनकपुर से पहाड़ की ओर आने वालों को ककरालीगेट पर ही रोक दिया गया जबकि पहाड़ से मैदान को जाने वाले चार दर्जन से अधिक छोटे-बड़े वाहनों के रास्ते में फंसने से यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। प्रशासन के किसी अधिकारी के मौके पर नहीं होने होने से यात्रियों के लिए पानी आदि की व्यवस्था भी नहीं की जा सकी।
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तीन दिन बंद हुआ एनएच
19 अगस्त : दोपहर 2:06 बजे से रात आठ बजे तक और उसके बाद रात नौ बजे से रातभर आवाजाही बंद रही।
20 अगस्त : सुबह छह बजे से साढ़े नौ बजे तक।
21 अगस्त : सुबह 4:10 बजे से 9:35 बजे तक।
चंपावत जिले की बंद सड़कें
कजीना-पुनौली और सिप्टी-अमकड़िया।