शारदा में 6 नवंबर से खनिज निकासी शुरू होने के साथ ही फावड़े, बेलचे चलने लगेंगे। इसके अलावा अवैध खनन पर निगरानी को विजिलेंस टीम बनेगी और नदी के अप एवं डाउन स्ट्रीम के निकासी गेटों पर सीसी टीवी से नजर रखी जाएगी। यह फैसला मंगलवार को एसडीएम अनिल चन्याल की अध्यक्षता में खनन को लेकर हुई बैठक में लिया गया है। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से खनिज निकासी की अनुमति पर फिलहाल कोई फैसला नहीं लिया गया है।
तहसील में हुई बैठक में पारदर्शिता के साथ खनिज निकासी को लेकर कई निर्णय लिए गए हैं। तय किया गया कि 6 नवंबर से शारदा के अप और डाउन स्ट्रीम से खनिज सामग्री की निकासी शुरू की जाएगी। इससे पहले 2 नवंबर को एसडीएम के नेतृत्व में राजस्व, पुलिस, वन एवं वन निगम की खनन इकाई की टीम खनन क्षेत्र का निरीक्षण करेगी।
खनिज निकासी गेट अप स्ट्रीम में नायकगोठ एवं डाउन स्ट्रीम में बैराज धर्मकांटे के पास 4-4 सीसी कैमरे लगाकर खनिज निकासी पर नजर रखी जाएगी। इसके अलावा अवैध खनन पर अंकुश लगाने को पुलिस, राजस्व, वन एवं वन निगम की संयुक्त विजिलेंस टीम गठित की जाएगी।
बैठक में तहसीलदार जोगा सिंह, सीओ आरएस रौतेला, वन विभाग के एसडीओ राजेश कुमार, खनन प्रभारी हरीश पाल, कोतवाल अरुण कुमार वर्मा, श्रम निरीक्षक सूरज सिंह बिष्ट, एआरटीओ एके सिंह, शक्तिमान ट्रक एसोसिएशन के अध्यक्ष योगी ज्याला आदि मौजूद थे।
ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से खनिज निकासी की अनुमति न दी जाए
शक्तिमान ट्रक मालिकों ने एसडीएम अनिल चन्याल को ज्ञापन सौंप ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से खनिज निकासी की अनुमति नहीं देने की मांग की है। उन्होंने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से अनुमति देने पर व्यापक आंदोलन की चेतावनी दी है।
मंगलवार को एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में शक्तिमान ट्रक मालिक आनंद सिंह महर, भुवन शर्मा, जितेंद्र सिंह, सागर खुल्लर, तनवीर हुसैन, साहिद हुसैन, जब्बार आदि ने कहा कि साढ़े तीन सौ से ज्यादा शक्तिमान ट्रक मालिक करीब पचास वर्षों से खनिज निकासी कर अपनी आजीविका चला रहे हैं।
आरोप लगाया कि कुछ ट्रैक्टर मालिक खनिज निकासी कार्य में बाधा पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ट्रैक्टरों से खनिज निकासी की अनुमति दी जाती है कि शक्तिमान ट्रक मालिकों की रोजी-रोटी प्रभावित होगी।