जिले में बाल भिक्षावृत्ति की रोकथाम के लिए ऑपरेशन मुक्ति शुरू हो गया है। अभियान आगामी दो माह तक तीन चरणों में संचालित किया जाएगा।
एसपी लोकेश्वर सिंह ने मंगलवार को ऑपरेशन से जुड़े पुलिस अधिकारियों, बाल कल्याण समिति सदस्यों, चाइल्ड हेल्पलाइन, वन स्टाप सेंटर, समाज कल्याण, बाल विकास विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बैठक की। उन्होंने ऑपरेशन मुक्ति के संबंध में पुलिस मुख्यालय की ओर से निर्धारित चरणों में होने वाली कार्रवाई के बारे में जानकारी दी।
बताया कि प्रथम चरण में भिक्षावृत्ति करने वाले लोगों को चिह्नित करने, द्वितीय चरण में लोगों को भिक्षावृत्ति न करने के लिए नुक्कड़-नाटक के माध्यम से जागरूक करने, तृतीय चरण में भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों व परिजनों की बाल कल्याण समिति के समक्ष काउंसलिंग कराई जाएगी। इसके बाद भी यदि भिक्षावृत्ति की जाती है तो उनके परिजनों-संरक्षकों के खिलाफ अभियोग पंजीकृत करने की कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में अभियोजन अधिकारी रिंकू वर्मा, पुलिस क्षेत्राधिकारी ध्यान सिंह, चाइल्ड हेल्पलाइन के जनक चंद, जानकी राणा, संतोषी, श्रम विभाग के सूरज सिंह बिष्ट, स्वास्थ्य विभाग के प्रेम भट्ट, बाल कल्याण समिति के सतीश जोशी, बीडी फुलारा, विमला बोहरा, शांति अधिकारी सहित वन स्टाप सेंटर की प्रेरणा अधिकारी, बाल विकास, एंटी ह्यूमन टीम की प्रभारी मंजू पांडेय आदि मौजूद रही।