चंपावत। भारत-नेपाल सीमा में टनकपुर से लगे नो मैंसलैंड क्षेत्र में नेपाल की ओर से हुए अतिक्रमण के मामले की रिपोर्ट डीएम ने प्रदेश शासन को भेज दी है। रिपोर्ट में मामले को सुलझाने के सुझाव के साथ ही सीमा का निर्धारण करने वाले गायब हुए दो स्तंभों (पिलरों) के पुनर्निर्धारण के लिए जल्दी से जल्दी सर्वे दल को भेजे जाने का आग्रह किया गया है।
भारत-नेपाल सीमा पर टनकपुर के नजदीक नो मैंसलैंड में नेपाल की ओर से पौधरोपण की आड़ में अतिक्रमण करने का जुलाई के दूसरे पखवाड़े में खुलासा हुआ था। इसके बाद हरकत में आया जिला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने नेपाल के कंचनपुर जिले के अधिकारियों से तीन बार संवाद कर अतिक्रमण हटाने व मामले को सुलझाने का प्रयास किया। इसी क्रम में चार अगस्त को बनबसा में कंचनपुर जिले के सीडीओ, एसपी से अनौपचारिक बैठक भी हुई। बैठक में हुई वार्ता के क्रम में अब जिला प्रशासन ने सीमा अतिक्रमण मामले को सुलझाने को लेकर सुझाव प्रदेश के मुख्य सचिव को भेजे हैं। डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय ने बताया कि भारत सरकार के स्तर पर मुद्दे को उठाने के सुझाव के साथ गायब हुए दो स्तंभ 811 व 810/2 को जल्द से जल्द पुनर्निर्धारित (री-लोकेट) करने के लिए सर्वे दल को भेजने का आग्रह किया गया है। साथ ही सीमा के मौजूदा हालात में कोई बदलाव न हो, इसके लिए नेपाल को साफ संदेश दिया जाए।