जिला मुख्यालय और आसपास के इलाकों में दिनों-दिन पेयजल संकट गहराने लगा है। पेयजल योजनाओं के स्रोतों में जलस्तर में गिरावट आने से अब जल संस्थान के टैंकरों के जरिए विभिन्न पेयजल योजनाओं के टैंक भरकर पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। उधर, दूसरी ओर पेयजल की भारी किल्लत के बावजूद प्रभावशाली लोगों के अलावा सरकारी निर्माण कार्य धड़ल्ले से किए जा रहे हैं। साथ ही विभिन्न स्थानों में वाहनों की धुलाई बेरोकटोक की जा रही है।
जल संस्थान की ओर से सोमवार को तिलौन में पेयजल टैंक में टैंकर के जरिए जलापूर्ति की गई। तिलौन में बीते एक पखवाड़े से पेयजल संकट चल रहा था। सोमवार को पेयजल आपूर्ति के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
लालटेन की रोशनी में जुटा रहे पीने का पानी
लोहाघाट नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। जहां नगर में चौथे, पांचवे दिन पानी मिल रहा है, वहीं अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी तीसरे दिन पानी मिलने लगा है। कुछ स्थानों पर ग्रामीण लालटेन की रोशनी में पीने का पानी जुटा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की पेयजल योजनाओं का जलस्तर 80 फीसदी कम हो गया है।
नगर में जरूरत के हिसाब से बहुत ही पानी मिल पा रहा है। नगर की बनस्वाड़ पेयजल योजना, फोर्ती, ग्रामीण क्षेत्रों की रायनगर चौड़ी की बनगांव, रौंतली माहरा, फोर्ती गांव की पेयजल योजनाएं ठप हैं, जबकि अधिकांश योजनाएं ठप पड़ने की कगार में पहुंचती जा रही हैं। नगर से लगे रायनगर चौड़ी की बनगांव पेयजल योजना के ठप पड़ने, बलांई योजना के जल स्तर में कमी आने से गांव में पानी के लिए हाहाकार मचा है। हर उम्र के लोग बच्चों से लेकर बूढ़ों तक सभी नौलों में पानी के लिए लाइन लगाए रहते हैं। गांव में पांच नौले हैं, जिनका जलस्तर गिर गया है।
नौलों में दिन-रात भीड़ लगती रहती है। रात को लोग लालटेन के उजाले में पानी भरते देखे जा सकते हैं। पानी की दिक्कत ने लोगों की दिनचर्या बिगाड़ने के साथ बच्चों की पढ़ाई को भी प्रभावित कर दिया है। बच्चे पढ़ाई छोड़कर पानी के लिए नौलों में नंबर लगाने को मजबूर हैं। वहीं टूंणा, कलीगांव, सैरीगैर, फोर्ती, बनगांव, पुलहिंडोला, राजकीय पॉलीटेक्निक, अंबेडकर छात्रावास में भी पानी की किल्लत है। चौड़ी लिफ्ट योजना, नलकूप समेत नगर में तीन टैंकर, दो पिकअप के जरिए लगातार मेन टैंक में पानी डाला जा रहा है, लेकिन जो ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रहा है। लोग हैंडपंपों, नौले, धारों में निर्भर हो रहे हैं।