मां पूर्णागिरि धाम में दर्शन करते श्रद्धालु।
- फोटो : TANAKPUR
कुछ नेपाली और कुछ भारतीय श्रद्धालुओं की रही चहलकदमी
पूर्णागिरि मेला : कोरोना के खतरे से गायब हुई रौनक
स्थिति को लेकर पुजारी और कारोबारी हताश
संवाद न्यूज एजेंसी
टनकपुर (चंपावत)। पूर्णागिरि मेले पर भी कोरोना संक्रमण के खतरे का साया लगातार बढ़ रहा है। कुंभ मेले को स्थगित करने की अटकलों के बीच पूर्णागिरि मेले को लेकर भी संशय बना हुआ है लेकिन फिलहाल प्रशासन का मेला स्थगित करने का कोई इरादा नहीं है। कोरोना से बचाव के नियमों के पालन को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। इधर मेले में श्रद्धालुओं की आवक बेहद कम है। कोरोना ने पुजारी और कारोबारियों को भी निराश और हताश कर दिया है।
उत्तर भारत का सुप्रसिद्ध पूर्णागिरि मेला 30 मार्च से शुरू हुआ। शुरूआती तीन दिनों में श्रद्धालु उमड़ने से समूचे क्षेत्र में चहलपहल बनी रही लेकिन इस बीच बढ़ते कोरोना संक्रमण ने मेले की रौनक गायब कर दी है। कोरोना को देखते हुए इस बार प्रशासन ने पहले ही मेले की अवधि 30 दिन तय की है। 30 अप्रैल तक यानि तेरह दिन मेला और चलेगा। मंदिर समिति अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय ने बताया कि मेले में श्रद्धालुओं की आवक बेहद कम हो गई है। शुक्रवार रात जहां कुछ नेपाली श्रद्धालु पहुंचे, वहीं शनिवार को दिन में चुनिंदा भारतीय श्रद्धालुओं की चहलकदमी हुई है। उनका कहना है कि इस बार धाम के पुजारियों और कारोबारियों को उम्मीद थी कि इस बार मेले से राहत मिलेगी लेकिन कोरोना के भय ने उम्मीद तोड़ दी है। पुजारी और कारोबारी निराश और हताश हैं।
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फिलहाल स्थगित नहीं होगा मेला
पूर्णागिरि मेले को लेकर किसी तरह का संशय नहीं है। मेला स्थगित करने का फिलहाल प्रशासन का कोई इरादा नहीं है। कोरोना संक्रमण के हालात ऐसे रहे तो मेला अवधि आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। मेला अवधि 13 दिन और शेष रह गई है और फिर श्रद्धालुओं की आवक भी कम है। हिमांशु कफल्टिया, मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम पूर्णागिरि।