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फौजी ने अकेले ही बना डाली सवा किमी सड़क

Sun, 19 Nov 2017 10:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत।
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मझेड़ा ग्राम पंचायत में पैदल मार्ग को काटता सेवानिवृत्त फौजी। - फोटो : अमर उजाला
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शासन-प्रशासन ने गांव के लिए सड़क बनाने में कोई रुचि नहीं दिखाई तो एक फौजी ‘दशरथ मांझी’ बन गया। उसने श्रमदान से सड़क बनाने का प्रस्ताव रखा लेकिन गांव वालों ने उत्साह नहीं दिखाया। इससे फौजी का हौसला टूटने की बजाय और बुलंद हुआ। उसने खुद के दम पर करीब पांच महीने में पुष्पनगर से खूनामलक तक 1.20 किलोमीटर और करीब डेढ़ फुट संकरे मार्ग को छोटे वाहनों के चलने लायक बना दिया।
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गांव तक वाहनों की आवाजाही होने से अब फसलों को मुख्य सड़क तक लाने में भी सुविधा हो गई है। गांवों को सड़कों से जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से लेकर कई योजनाएं हैं, मगर लोहाघाट तहसील की मझोड़ा ग्राम पंचायत के सड़क से वंचित तोक पुष्पनगर का इंतजार खत्म नहीं हो रहा था। गांव के बाशिंदों को करीब सवा किलोमीटर पैदल चलकर सड़क तक आना होता था।

इसके लिए भी करीब डेढ़ फुट का संकरा मार्ग था। इस मार्ग से मवेशियों को लाना-ले जाना भी जोखिम भरा था। कई बार जानवर मार्ग में फंस जाते थे। एक बार मार्ग में गाय फंस गई थी, जिसे बमुश्किल बचाया जा सका था।
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ये हालात फौजी बृजेश जोशी को व्यथित करते थे। 2014 में एक महीने की छुट्टी पर आए बृजेश ने खुद ही सड़क बनाने की सोची। इसके लिए उन्होंने गांव वालों से बात की तो उनमें कोई उत्साह नहीं देखा।

इस पर उन्होंने अकेले ही संकरे रास्ते को चौड़ा कर वाहन चलाने लायक बनाने की ठानी। वे जब भी छुट्टी पर आते, रोजाना दो से तीन घंटे निकाल पैदल रास्ते चौड़ा करने में लग जाते। मई 2017 में वे फौज से सेवानिवृत्त हुए तो उन्हाेंने अपने को इस काम में झोंक दिया।

अपनी और आसपास के अन्य लोगों की जमीन के अलावा गोचर-पनघट की भूमि काटकर उन्होंने करीब सात से आठ फुट चौड़ा करीब 1.20 किलोमीटर मार्ग बनाकर खूनामलक से गुजर रही सड़क से जोड़ा। मार्ग को काटने में पांच महीने से अधिक का वक्त लगा। इसके अलावा लगभग पांच हजार रुपये का खर्च भी आया।

लोनिवि के अधिशासी अभियंता डीडी भट्ट का कहना है कि सड़क कटिंग का कोई प्रस्ताव नहीं होने से पैदल मार्ग को चौड़ा करना मुमकिन नहीं था, लेकिन बृजेश की मेहनत और जुनून ने यह मुमकिन कर दिखाया। उनके इस जज्बे ने सरकार को आइना दिखाया है। उनकी इस मेहनत से लोगों को भी प्रेरणा मिलेगी।
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