सोशल मीडिया रीठासाहिब के एक गरीब परिवार के लिए वरदान बन गया। फेसबुक, व्हाट्सऐप में सक्रिय ग्रुप लधियाघाटी संगठन ने सोशल मीडिया को समाज सेवा का माध्यम बना इस गरीब परिवार की बेटी की शादी के लिए अब तक 50 हजार रुपये जुटा लिए हैं।
रीठासाहिब के साल ग्राम पंचायत निवासी वासुदेव बोहरा कई सालों से मानसिक रोग से पीड़ित हैं। उनकी पांच बेटियां हैं। घर की माली हालत ठीक नहीं है। पत्नी सुलोचना देवी जूनियर हाइस्कूल साल में भोजनमाता का काम कर किसी तरह परिवार की गाड़ी खींच रही हैं। उनकी बड़ी बेटी बीना 19 साल की है। बेटी के हाथ पीले करने की चिंता परिवार को सताए जा रही थी। परिवार ने इसके लिए प्रयास किए और नैनीताल जिले के अधोड़ा गांव निवासी युवक से बीना की शादी तय कर दी। शादी 29 अप्रैल को होनी है। इस परिवार के बारे में पता चलने पर 2015 से जिले में सोशल मीडिया के माध्यम से असहाय लोगों की मदद कर रहे लधियाघाटी संगठन ने मदद करने का संकल्प लिया और सहायता जुटाने के लिए मुहिम छेड़ दी।
संगठन के ग्रुप एडमिन नवीन भंडारी का कहना है कि सोशल मीडिया पर उनकी अपील पर क्षेत्र के लोग, एनजीओ, भागवत भक्त मंडली हरिद्वार के सदस्य भी मदद दे रहे हैं। संगठन करीब 50 हजार रुपये और राशन जुटाने में सफल रहा है। संगठन में प्राइवेट कंपनी से जुड़े लोग, सरकारी नौकरीपेशा, व्यवसायी, नेता, मीडिया के लोगों का भी सहयोग मिल रहा है।
लधियाघाटी संगठन के प्रयासों से ही दो माह पूर्व मलयेशिया में फंसे भारतीय जगत सिंह बिष्ट की सकुशल स्वदेश वापसी हो सकी। लोहाघाट निवासी जगत सिंह मलयेशिया में एक होटल में काम करता था। वीजा अवधि समाप्त होने पर उसे वहां के होटल स्वामी ने बंधक बना लिया था। इस बात की जानकारी मिलने पर लधियाघाटी संगठन ने ट्विटर के माध्यम से विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का ध्यान आकर्षित किया। इसके बाद जगत की सकुशल भारत वापसी हो सकी।