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...तो क्या हो रहा किसी और दीपा की मौत का इंतजार

Wed, 13 Jul 2016 10:11 PM IST
चंद्रशेखर जोशी/अमर उजाला, चंपावत
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...तो क्या हो रहा किसी और दीपा की मौत का इंतजार - फोटो : अमर उजाला
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 विश्व रक्तदाता दिवस 14 जून को ब्लड स्टोरेज यूनिट चंपावत में शुरू होनी थी। लोगों के दबाव के बाद इसके लिए तेजी से कवायद भी शुरू हुई और 13 जून को राज्य ब्लड बैंक यूनिट के एक अधिकारी कुछ उपकरणों के साथ यहां पहुंचे भी, पर रेफरिजरेट एवं कई अन्य कमियों की वजह से इसे न तब शुरू किया जा सका और न अब। यानि एक माह बीतने के बाद भी हालत जस की तस है। अभी ब्लड स्टोरेज यूनिट को स्टेट क्लीयरेंस तक नहीं मिल सकी है।
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7 जून को बेटी को जन्म देने के बाद चंपावत के पास के पवैत गांव की दीपा पांडेय की रक्तस्राव से मौत हो गई थी। खून की कमी से हुई मौत के बाद ब्लड बैंक को लेकर क्षेत्रीय लोगों में खूब उबाल रहा। पांच दिनों तक जिला अस्पताल, सीएमओ कार्यालय, कलक्ट्रेट से लेकर सड़क तक प्रदर्शन हुआ। इनका शुरुआत में तात्कालिक असर भी दिखा। ब्लड बैंक भवन होने के बाद इसकी मंजूरी में आ रही अड़चन को दूर करने की लंबी प्रक्रिया के चलते तय किया गया कि चंपावत में ब्लड स्टोरेज यूनिट खोली जाएगी।

जन प्रतिनिधियों से लेकर प्रशासनिक अमले तक ने ब्लड स्टोरेज यूनिट को 14 जून को शुरू करने का एलान कर डाला, पर ये यूनिट न तब शुरू हुई और न एक महीने बाद 14 जुलाई को। स्टेट ब्लड यूनिट के अधिकारी प्रदीप हटवाल का कहना है कि इस महीने ब्लड स्टोरेज यूनिट को क्लीयरेंस मिल जाएगी। जिला पंचायत सदस्य गोविंद सामंत ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार ब्लड बैंक में हीलाहवाली कर जिले के लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।
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नामित किए गए औषधि निरीक्षक
राज्य एड्स नियंत्रण समिति के सहायक परियोजना निदेशक डा.विनोद टोलिया ने बताया कि ब्लड स्टोरेज यूनिट की मंजूरी की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। इसके लिए एक औषधि निरीक्षक को नामित किया जा चुका है। ये निरीक्षक एक हफ्ते के भीतर चंपावत का दौरा कर रिपोर्ट देंगे।

ब्लड स्टोरेज यूनिट के खराब रेफ्रिजरेटर को ठीक कराने के लिए मैकेनिक को बुलाया गया है। स्टोरेज यूनिट में खून लाने को ब्लड ट्रांसफर वैन के लिए बीएडीपी से रकम प्रस्तावित की गई है। साथ ही जनरेटर और डीजल की व्यवस्था भी की जा रही है। -डा.आरके जोशी, मुख्य चिकित्साधीक्षक, जिला अस्पताल, चंपावत। (13 सीपीटी 11पी)


एक लैब तकनीशियन और चाहिए
चंपावत के ब्लड स्टोरेज यूनिट के संचालन के लिए एक पैथोलॉजिस्ट, दो लैब तकनीशियन, एक फार्मेसिस्ट, स्टाफ नर्स और वार्ड ब्वाय की जरूरत है। जिला अस्पताल में पैथोलॉजिस्ट सहित तमाम पदों पर तैनाती है, लेकिन लैब तकनीशियन एक है। सीएमएस डा.आरके जोशी ने बताया कि ब्लड स्टोरेज यूनिट के लिए कम से कम एक और लैब तकनीशियन जरूरी है।
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