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ये कैसी होली खिलाई, श्याम मेरी बइयां मरोड़ी...

Sun, 14 Feb 2016 10:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पाटी
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मां बाराही सुगम संगीत समिति की ओर से बैठकी होली की गई। होल्यारों ने ऋतुराज वसंत का स्वागत करते हुए कई राग पेश किए। डा. घनश्याम शर्मा के आवास में हुई होली का शुभारंभ प्रधानाचार्य भगवती प्रसाद जोशी और दयानंद जोशी ने सरस्वती का पूजन किया।
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प्रमुख होल्यार टीकाराम सौराड़ी ने ‘मुझको नवल उत्थान दो मां’ गीत से शुभारंभ किया। दयानंद ने राग काफी में ‘ये कैसी होली खिलाई, श्याम मेरी बइयां मरोड़ी’। सुरेश भट्ट ने राग धमार में ‘नंद नंदन मोरी बइयां गहो ना, देखो संग सहेली सब देख रही हैं’ पेश किया। टीकाराम सौराड़ी ने राग काफी में ‘आयो नवल वसंत सखी ऋतुराज कहायो’ पेश किया। संगीत विशारद गोकुलानंद ने राग विहाग में ‘हरि भजन बिना सुख नाहीं रे’ प्रस्तुत किया।

दीपक बोहरा ने ‘कहां जाके छिपा चितचोर कि, राधा तेरी माला जपे’। दिनेश जोशी ने ‘झूठी माया की लागी बजार भजन बिन सून’। भगवती प्रसाद जोशी ने राग काफी में ‘क्या जिंदगी का ठिकाना, समझ मन क्यों रे भुलाना’। सुरेश भट्ट ने ‘सैंया से मिला दीजो रे, हूं बेरागिन अपने पिया की’ गीत से महफिल का समापन किया। तबले में गोकुलानंद, बीपी जोशी और सुरेश भट्ट ने संगत दी। रिटायर्ड तहसीलदार भगीरथ सौराड़ी, कमलेश शर्मा, निदेश शर्मा, गिरीश जोशी, गोधन सिंह, भावना शर्मा, कमला, अनीता, केशवी ने भी गीत पेश किए।
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