पाटी (चंपावत)। एक ओर जहां आजकल युवा रील बनाने और नशा करने में व्यस्त हैं वहीं 23 वर्षीय सोनू भट्ट पढ़ाई के साथ-साथ अपनी संस्कृति और परंपरा को जीवंत रखते हुए तकली से धागे को कात कर जनेऊ बना रहे हैं। पाटी के झलपुर गांव में रहने वाले सोनू भट्ट ने 16 वर्ष की उम्र से ही इस काम में महारथ हासिल कर ली थी।
वर्तमान में सोनू तीन साल से यूकेएसएससी की तैयारी में लगे हुए हैं लेकिन अपनी संस्कृति के संवर्धन के लिए समय निकाल लेते हैं। यहीं नहीं जनेऊ कातने के बाद उसमें लगनी वाली ब्रह्म गांठ को भी बेहतर ढंग से लगाते हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में हर कोई तकली से जनेऊ को कात तो लेते हैं लेकिन उसके बाद गांठें लगाने का सटीक ज्ञान नहीं होता है। सोनू कम उम्र से ही इस ज्ञान को संजोए हुए हैं। क्षेत्र के साथ ही कई गांवों के लोग उस गांठ को लगाने के लिए उनके पास आते हैं। उनका कहना है कि उन्हें जो ज्ञान पूर्वजों से मिला है, उसे वह सभी तक पहुंचाएंगे।