रमा खर्कवाल बनबसा जीजीआईसी में विजिटिंग प्रवक्ता है। संगीत विषय की इस शिक्षिका को महीने में कुल 10 पीरियड मिले और मासिक मानदेय बना 1500 रुपये। कमोबेश ऐसा ही आलम गूंठ गरसाड़ी जीआईसी के भौतिक शिक्षक जीवन लाल, सिंगदा राजकीय उमावि विद्यालय के राजेश पंत, जीआईसी सुंई की अनामिका पांडेय सहित कई शिक्षकों का है। पीरियड के आधार पर शिक्षण कराने पर इन्हें 3 हजार रुपये से कम मानदेय मिलेगा। इस तरह की तमाम विसंगतियों को लेकर अतिथि शिक्षक संघ ने शुक्रवार को स्कूलों का बहिष्कार कर प्रदर्शन किया और गोलरचौड़ से कलक्ट्रेट तक मौन जुलूस निकला। बाद में प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा गया।
अतिथि शिक्षक संगठन के प्रदेश महामंत्री भुवन पृथोली, जिला संरक्षक मोहन चिलकोटी, जिलाध्यक्ष पारस जुकरिया के नेतृत्व में शिक्षकों ने गोरलचौड़ मैदान में प्रदर्शन किया। कहा कि माध्यमिक स्कूलों के स्थायी शिक्षकों को 50 से 60 हजार रुपये मासिक वेतन और अन्य सुविधाएं मिल रही है, मगर विजिटिंग शिक्षकों के साथ पीरियड के आधार पर मानदेय निर्धारण से उनके साथ अन्याय हो रहा है। संगठन ने विजिटिंग शिक्षकों को आर्थिक सुरक्षा देने के मद्देनजर न्यूनतम 15 हजार रुपये मानदेय की मांग की है।
विरोध-प्रदर्शन में जिला उपाध्यक्ष चंचल कुंवर, दीप ज्योति अधिकारी, दिनेश चम्याल, राजेंद्र अधिकारी, संजीव भट्ट, नवीन पुनेठा, निधि पंत, बबीता बिष्ट, बबीता पांडेय आदि शिक्षक शामिल थे। वहीं पाटी में भी गिरीश चंद्र, भुवन जोशी, जीवन सौराड़ी, जगदीश प्रसाद, मोहन जोशी, विपिन जोशी, दिनेश जोशी आदि विजिटिंग शिक्षकों ने सीडीओ श्याम सुंदर पांगती को ज्ञापन सौंपा।