टैक्सी स्टैंड की व्यवस्था का उल्लंघन कर बस स्टेशन के समीप से सवारी भरते दो वाहनों को पुलिस ने सीज किया तो टैक्सी चालक और मालिक भड़क उठे। उन्होंने पहले कोतवाल का घेराव किया और फिर टैक्सी स्टैंड पर प्रदर्शन कर बेमियादी हड़ताल शुरू कर दी है।
टैक्सी यूनियन ने कहा है कि जब तक टैक्सी आपरेटरों के हित के अनुरूप सवारी भरने की व्यवस्था नहीं की जाएगी तब तक पर्वतीय मार्ग पर टैक्सी वाहनों का संचालन ठप रहेगा।
रविवार सुबह बस स्टेशन के पास गाड़ी खड़ी कर सवारी भर रही मैक्स (यूके 04 टीए/1386) और टैक्सी अल्टो कार (यूके 03 टीएन/0949) को पुलिस ने सीज कर दिया। कोतवाल धीरेंद्र कुमार ने बताया कि दोनों वाहन के चालक टैक्सी स्टैंड की व्यवस्था का उल्लंघन कर बस स्टेशन के पास गाड़ी खड़ी कर सवारी भर रहे थे। दोनों वाहन सीज किए जाने से टैक्सी ऑपरेटर भड़क गए।
श्री पूर्णागिरि टैक्सी यूनियन अध्यक्ष विनोद बिष्ट के नेतृत्व में टैक्सी ऑपरेटरों ने कोतवाली पहुंच कोतवाल का घेराव किया। कोतवाल ने हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में कार्रवाई किए जाने की बात कही। उन्होंने दो टूक कहा कि टैक्सी स्टैंड के बस स्टैंड छोर में सवारी भरने की इजाजत नहीं दी जा सकती। इससे नाराज यूनियन ने पर्वतीय मार्ग पर टैक्सियों का संचालन ठप कर दिया है।
अध्यक्ष विनोद बिष्ट का कहना है कि स्टैंड के उत्तरी छोर में सवारी भरने की व्यवस्था से टैक्सी आपरेटरों को सवारियां नहीं मिल पा रही हैं जिससे उनकी रोजी-रोटी प्रभावित हो गई है।
कहा कि जब तक सवारी भरने की व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की जाती तब तक पर्वतीय मार्ग पर संचालित टैक्सियों की हड़ताल जारी रहेगी। प्रदर्शन में यूनियन के सचिव सुंदर शर्मा, उपाध्यक्ष राजेंद्र चंद, कोषाध्यक्ष अनिल सिंह, उप सचिव देवेंद्र प्रजापति, संगठन मंत्री सूरज पुरी, कमलेश चंद, जनार्दन भट्ट आदि थे।
हड़ताल से पर्वतीय मार्ग के यात्रियों को होगी परेशानी
टनकपुर (चंपावत)। टैक्सियों की हड़ताल से पर्वतीय मार्ग के यात्रियों को परेशानी होगी। टनकुपर से चंपावत, लोहाघाट, पिथौरागढ़ आदि स्थानों को जाने वाले करीब पचास प्रतिशत यात्री टैक्सी वाहनों पर निर्भर रहते हैं।
सुबह दस बजे बाद पर्वतीय मार्ग के लिए रोडवेज की कोई बस सेवा नहीं होने से यात्री टैक्सी वाहनों से ही गंतव्य को रवाना होते हैं। ऐसे में यदि टैक्सी आपरेटरों की हड़ताल जारी रही तो सोमवार सेे पर्वतीय मार्ग के यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।