लोहाघाट (चंपावत)। गोवंशीय पशुओं को दूसरी जगह ले जाने में सख्ती के कारण पशुपालक मवेशियों को लावारिस छोड़ने लगे हैं। इससे अन्य लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। परेशान लोगों ने मवेशी छोड़ने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
प्रदेश में गोवंश संरक्षण अधिनियम लागू होने के कारण गोवंशीय पशुओं को वाहन से ले जाने की प्रक्रिया कठिन हो गई है। इससे बचने के लिए पशुपालक अनुपयोगी पशुओं को आवारा छोड़ने लगे हैं। यही पशु किसानों की फसलों को चौपट कर दुधारू जानवरों के लिए बोए गए चारे को भी चट कर रहे हैं।
छमनियांचौड़ के ग्रामीणों का कहना था कि आए दिन लोग छमनियांचौड़ आदि जगहों में गोवंश को लावारिस छोड़ने लगे हैं। इससे किसानों की फसलों को काफी नुकसान हो रहा है। ग्रामीणों ने जानवरों को छोड़ने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर आवारा घूम रहे निराश्रित पशुओं को गोसेवा केंद्रों में भेजने की मांग की। इनमें कैलाश चंद्र भट्ट, कमला भट्ट, कलावती भट्ट, जानकी पंत, पार्वती बोहरा, राजू भट्ट, सचिन भट्ट, सौरभ पंत, नवीन सक्टा आदि शामिल थे।