पूर्णागिरि धाम में शुक्रवार को हुए अग्निकांड के एक दिन बाद आसपास की खाली दुकान। संवाद
पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। मां पूर्णागिरि धाम में शुक्रवार को काली मंदिर के पास टेड़ी पुलिया की एक दुकान में हुए भीषण अग्रिकांड का खौफ रात भर रहा। अग्रिकांड से 150 मीटर दूर तक की दुकानों और धर्मशालाओं के ज्यादातर लोग रातभर जागते रहे। पुलिस और मंदिर समिति के स्वयंसेवक भी मुस्तैद रहे।
कालीमंदिर से 150 मीटर दूर टेड़ी पुलिया पर प्रकाश तिवारी, रमेश तिवारी और हेमा तिवारी की संयुक्त रूप से तीन मंजिला दुकान शुक्रवार सुबह अग्रिकांड की भेंट चढ़ गई। दुकानदार का कहना है कि उसकी 50 लाख की संपत्ति जली है। सीतापुर से आए कन्हैया, बरेली के सुनील और हाथरस के जगदीश यहां किराये पर दुकान चला रहे थे। कन्हैया का कहना है कि सामान ले जाने के दौरान उसके 47 हजार रुपये भी गायब हो गए।
मंदिर समिति के अध्यक्ष पंडित किशन तिवारी का कहना है कि आग बुझाने में काली मंदिर पुलिस पुलिस के प्रभारी देवनाथ गोस्वामी की तत्परता से बड़ी अनहोनी बच गई। मंदिर समिति काली मंदिर चौकी प्रभारी के अलावा भैरव मंदिर चौकी प्रभारी हरीश प्रसाद और उनकी टीम को मेले के समापन पर सम्मानित करेगी।
फिर बढ़ने लगी श्रद्धालुओं की संख्या
पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। मां पूर्णागिरि धाम में श्रद्धालुओं की आमद धीरे-धीरे बढ़ रही है। शुक्रवार को हुए अग्रिकांड के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था कम नहीं हुई है। शनिवार को पांच हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने देवी मां का आशीर्वाद लिया। चलने में असमर्थ मुरादाबाद की बुजुर्ग प्रभा देवी को परिजन भैरव मंदिर से पौने चार किलोमीटर तक डोली के सहारे मुख्य मंदिर तक ले गए। संवाद