राजकीय पीजी कॉलेज का 32वां वार्षिकोत्सव पुरस्कार वितरण के साथ संपन्न हुआ।
प्राचार्य प्रो.केकेएस नेगी की अध्यक्षता और डॉ. कमलेश सक्टा के संचालन में आयोजित वार्षिकोत्सव का जिलाधिकारी डॉ .अहमद इकबाल ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं कड़ी मेहनत कर जीवन में सफलता की ऊंचाइयों को छूने नसीहत दी। उन्होंने कहा कि कभी भी शार्टकट रास्ता नहीं अपनाना चाहिए। प्राचार्य प्रो. नेगी ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस दौरान सांस्कृतिक, खेल और पढ़ाई में अव्वल आए छात्र-छात्राओं को महाविद्यालय की ओर से डीएम ने सम्मानित किया गया।
बीएड की छात्र-छात्राओं ने हे शारदे हे शारदे हमें ज्ञान का भंडार दे वंदना प्रस्तुत कर कार्यक्रमों की शुरुआत की। सांस्कृतिक परिषद प्रभारी डॉ. सुमन पांडेय के दिशा निर्देशन में छात्र नरेश की प्रस्तुति ‘पारे भीड़ा की बसंती छोरी रूमाझुमा’ गीत ने समां बांध दिया। सुमित गड़कोटी ने ‘ओ लाली हो लाली हौंसिया’ गीत प्रस्तुत किया। छात्रा शिवानी, प्रियंका, ज्योति, अनिता, नीलम, पूजा आदि ने कुमाऊंनी, पंजाबी, गढ़वाली, राजस्थानी गीतों पर शानदार प्रस्तुतियां दी। सुर कोकिला पुरस्कार से सम्मानित तथा छात्रा उपाध्यक्ष बेबी प्रियंका के लोक गीतों पर दर्शक अपने स्थानों में थिरकने लगे। जिला पंचायत सदस्य भोला सिंह बोहरा, छात्र संघ महासचिव नेहा गड़कोटी ने भी विचार रखे।
इस अवसर पर एसओ मनोज रतूड़ी, नवीन राय, अजय ढेक, इंदर ढेक और छात्र संघ के पदाधिकारी मौजूद रहे। डा. तौफिक अहमद, डा. धर्मेद्र तिवारी, डॉ. एके द्विवेदी, डॉ. विद्याकुमारी, डॉ. स्वाति मेलकानी, डॉ. अर्चना त्रिपाठी, डॉ. रवि सनवाल ने सभी का स्वागत किया।