ई-रव्वने के अड़ंगे के चलते शुक्रवार को दूसरे दिन भी शारदा से खनिज निकासी ठप रही। वन निगम के खनन प्रभाग ने ई-रव्वना रजिस्ट्रेशन के लिए खान अधिकारी के पास आवेदन कर दिया है। वहीं, दो दिन में करीब 20 से 24 लाख रुपए के राजस्व का नुकसान हुआ है। अलबत्ता शनिवार को रजिस्ट्रेशन के बाद वन निगम की खनन इकाई को लौगिंन आईडी एवं पासवर्ड मिलने की उम्मीद है।
प्रदेश के अन्य जिलों के साथ ही चंपावत जिले में भी छह फरवरी से ई-रव्वना नीति लागू होने के बाद खनन कारोबार बाधित हो गया है। ई-रव्वना रजिस्ट्रेशन कराने के बाद जहां स्टोन क्रशर स्वामियों ने खनिज सामग्री खरीदने से इनकार कर दिया है, वहीं शारदा से खनन कराने वाली वन निगम की खनन इकाई ने अब तक ई-रव्वना रजिस्ट्रेशन ही नहीं कराया है। खनन प्रभारी हरीश पाल का कहना है कि रजिस्ट्रेशन के लिए विभाग के एक कर्मचारी को खान अधिकारी कार्यालय पिथौरागढ़ भेजा गया है।
संभवत: शनिवार को रजिस्ट्रेशन के बाद विभाग को लौगिंन आईडी एवं पासवर्ड मिल जाएगा। उन्होंने बताया कि खनन क्षेत्र के अप स्ट्रीम में तो संचार नेटवर्क होने से ई-रव्वना जनरेट हो जाएगा, लेकिन डाउन स्ट्रीन में संचार नेटवर्क की समस्या आ सकती है। ऐसे में डाउन स्ट्रीम से खनिज की निकासी शुरू हो पाना संभव नहीं है। बहरहाल, खनन प्रभारी का कहना है कि डाउन स्ट्रीम में संचार नेटवर्क का हल निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
इधर, दो दिन से खनिज निकासी बाधित रहने से खनन कारोबारी, श्रमिक एवं ट्रक मालिक की आमदनी ठप है। शक्तिमान ट्रक एसोसिएशन अध्यक्ष योगी ज्याल का कहना है कि निगम की खनन इकाई द्वारा खान अधिकारी एवं प्रशासन से वार्ता कर जल्द कोई हल निकाला जाए।