शारदा नदी से बनबसा में निकाली गई शारदा नहर।
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बनबसा (चंपावत)। अप्रैल माह लगभग समाप्ति पर है लेकिन शारदा नदी का जलस्तर अभी पूर्व की तरह नहीं बढ़ा है। नदी का जलस्तर न बढ़ने से एनएचपीसी के बनबसा स्थित टनकपुर पॉवर स्टेशन और लोहियाहेड पॉवर हाउस का विद्युत उत्पादन भी नहीं बढ़ पा रहा है। जब तक नदी के जलस्तर में वृद्धि नही होती यूपी में होने वाली सिंचाई भी प्रभावित रहेगी। सोमवार को नदी का जलस्तर 4433 क्यूसेक रहा, जबकि पिछले वर्ष आज के दिन नदी का जलस्तर 6500 क्सूसेक था।
बता दें कि मध्य अप्रैल के बाद से शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने लगता था। पहाड़ों में बर्फ पिघलने और वर्षा होने से अप्रैल माह के बाद से नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी होने लगती थी। यूपी सिंचाई विभाग के बनबसा स्थित शारदा हेडवर्क्स के एसडीओ बृजेश मौर्य ने बताया कि इस बार पहाड़ों में मार्च अप्रैल में वर्षा कम होने और बर्फ गिरने से नदियों के पानी के जमाव के चलते शारदा नदी में कम पानी प्रवाहित हो रहा है। उन्होंने बताया कि जिस तरह से दिन पर दिन गर्मी में इजाफा हो रहा है एक पखवाड़े बाद नदी का जलस्तर बढ़ेगा।
शारदा बैराज के प्रभारी अटेंडैंट जेई संजय सिंह ने बताया कि सोमवार को नदी का जलस्तर 4433 क्यूसेक रहा जो पिछले माह तक साढ़े तीन हजार क्यूसेक था। इन दिनों एनएचपीसी के टनकपुर पावर हाउस में 25 से 30 मेगावाट बिजली बन रही है जबकि लोहियाहेड में 15 से 18 मेगावाट बिजली बन रही है। बताया गया है कि नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही दोनों बिजली गृहों का उत्पादन बढ़ने लगेगा।