अक्तूबर से शारदा का जलस्तर कम होने लगता है, जो मई तक कम ही रहेगा। मई के बाद नदी का जल स्तर बढ़ेगा। जलस्तर कम होने से एनएचपीसी के टनकपुर पावर स्टेशन और लोहियाहेड विद्युत गृह में बिजली उत्पादन भी घट गया है।
शारदा का जलस्तर धीरे-धीरे कम होने लगा है। बरसात में उफान में रहने वाली नदी में इन दिनों 10531 क्यूसेक पानी प्रवाहित हो रहा है। दिसंबर से जनवरी तक नदी का जलस्तर घटकर तीन से चार हजार क्यूसेक के बीच रह जाएगा। बैराज अटेंडेंट जगदीश श्रीवास्तव के मुताबिक शारदा में अब मई तक नदी का जल स्तर कम ही रहेगा। एनएचपीसी के पावर हाउस में विद्युत उत्पादन 98 मेगावाट से घटकर 63 मेगावाट और लोहियाहेड में 18 से घटकर 11 मेगावाट रह गया है।
मंगलवार को नदी का जलस्तर 10531 क्यूसेक था, जिसमें से 10325 क्यूसेक शारदा नहर में और 206 क्यूसेक नेपाल चैनल में छोड़ा जा रहा है। शारदा नहर की फुललोड क्षमता 11500 क्यूसेक है। नदी के कम जलस्तर का असर यूपी में होने वाली सिंचाई पर भी पड़ेगा।