चंपावत में हुई भेषज विकास संघ की बैठक में मौजूद अध्यक्ष एडवोकेट अशोक चौधरी और अन्य सदस्य।
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चंपावत। भेषज विकास विभाग की चंपावत की सेलाखोला की नर्सरी (पौधालय) को एक साल के भीतर बंद कर दिया जाएगा। इसके स्थान पर नई नर्सरी विकसित की जाएगी। यह निर्णय भेषज संघ के अध्यक्ष एडवोकेट अशोक चौधरी की अध्यक्षता और सचिव कमलेंद्र यादव के संचालन में हुई जिला भेषज सहकारी संघ की शुक्रवार को हुई बैठक में लिया गया। नर्सरी की जमीन का कुछ हिस्सा दूसरे उपयोग के लिए नगर पालिका को दिए जाने और आसपास फेंके जाने वाले कूड़े की वजह से नर्सरी को यहां से हटाया जा रहा है। इसके अलावा जिले के अन्य तीन ब्लाकों (लोहाघाट, पाटी और बाराकोट) में भी नर्सरी बनाने का निर्णय लिया गया। इसके लिए जमीन की तलाश की जाएगी। इन पौधालयों में रीठा, तेजपात, आंवला, च्यूरा को रोपित किया जाएगा।
बैठक में जिला योजना से पचनई और वल्सों के जड़ीबूटी काश्तकारों को कृषि यंत्र वितरित करने का निर्णय लिया गया। जड़ीबूटी के विकास के लिए समूह (कलस्टर) बनाने की बात कही गई। कोरोना के चलते मौजूदा वित्त वर्ष 2020-21 में अब तक भेषज संघ की वित्तीय स्थिति प्रभावित हुई है। बैठक में संघ की उपाध्यक्ष माया चौड़ाकोटी, संचालक किशोर पांडेय, डॉ. कुंदन सिंह बोरा, गिरधर, हीरा सिंह मौजूद थे।
अनदेखी का आरोप लगा संचालक ने दी इस्तीफे की धमकी
चंपावत जिला भेषज सहकारी संघ के संचालक डॉ. कुंदन सिंह बोरा ने सदस्यों की उपेक्षा का आरोप लगाया। बोर्ड की बैठक के दौरान उन्होंने इस्तीफा देने की धमकी दी। अलबत्ता बाद में संघ के सचिव कमलेंद्र यादव ने डॉ. बोरा की मान-मनोव्वल कर उन्हें शांत कराया।
नर्सरी को समिति अध्यक्ष दान करेंगे 25 नाली जमीन
धूरा सहकारी समिति के अध्यक्ष महेश चौड़ाकोटी ने बैठक के दौरान चंपावत ब्लाक की नर्सरी के लिए सूखीढांग क्षेत्र में 25 नाली जमीन निशुल्क देने का एलान किया। उनके इस प्रस्ताव को बोर्ड ने स्वीकार करते हुए नर्सरी के लिए जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया जल्द पूरा करने का निर्णय लिया।