राजकीय पीजी कॉलेज में चल रहे स्व वित्त पोषित बीएड विभाग को राज्य वित्त पोषित करने की मांग जोर पकड़ने लगी है। छात्रों ने एसडीएम सीमा विश्वकर्मा के माध्यम से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को ज्ञापन भेजा है। उन्होंने शीघ्र बीएड को राज्य पोषित करने की मांग की है। बीएड के राज्य पोषित पाठ्यक्रम में दो साल के 12 हजार रुपये और स्व वित्त पोषित पाठ्यक्रम में 70 हजार रुपये का शुल्क देना पड़ता है।
बुधवार को पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष गोविंद प्रसाद के नेतृत्व में छात्रों ने एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में कहा कि लोहाघाट कॉलेज में बीएड पाठ्यक्रम कई वर्षों से स्व वित्त पोषित के रूप में चलाया जा रहा है। इस कारण बीएड कर रहे छात्र-छात्राओं को स्वयं के खर्च पर पठन-पाठन करना पढ़ रहा है।
धनाभाव के कारण आर्थिक रूप से कमजोर कई मेधावी छात्र-छात्राएं बीएड करने से वंचित हो जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के जो छात्र-छात्राएं बीएड कर रहे हैं, उन्हें बाजारों में कमरा किराए में लेना पड़ रहा है। इससे अभिभावकों पर काफी आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व भी कई बार बीएड को राज्य पोषित करने के लिए उन्होंने शासन से मांग की है। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। ज्ञापन देने वालों में कला संकाय प्रतिनिधि तुषार पांडेय, विश्वविद्यालय प्रतिनिधि नीरज कालाकोटी, दीपक कुमार, गंगा आर्या, सचिन मेहता आदि शामिल थे।