चंपावत/लोहाघाट। राजनीतिक उथलपुथल के चलते जिलेभर में धारा-144 लगाई गई है। कलक्ट्रेट की प्रभारी अधिकारी परगना मजिस्ट्रेट सीमा विश्वकर्मा ने रविवार शाम छह बजे से जिले में धारा 144 लागू की गई है। धारा-144 मंगलवार शाम छह बजे तक लागू रहेगी। वहीं, पुलिस अधीक्षक दिलीप सिंह कुंवर ने सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने की बात कही है। लोहाघाट सहित जिले के कई हिस्सों में पुलिस ने फ्लैग मार्च किया।
लोहाघाट में थानाध्यक्ष मनोज रतूड़ी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पीएसी, पुलिस, फायर कर्मियों एवं महिला पुलिस ने नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए थाने तक फ्लैग मार्च निकाला। इस दौरान पुतला दहन करने, जुलूस निकालने, जन सभा करने, बड़ी संख्या में लोगों को एकत्रित नहीं होने दिया जाएगा।
नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से शांति व्यवस्था बनाने में पुलिस को सहयोग देने की अपील की है। लोहाघाट के भाजपा के विधायक पूरन सिंह फर्त्याल के आवास में भी सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं।
चंपावत। देहरादून की सियासी हलचल को लेकर चंपावत में भी दिनभर सरगर्मी रही। राजनीतिक दलों के कार्यालयों में तो गहमागहमी नहीं थी, मगर सड़कों पर खूब हलचल थी। सियासी समीकरण पर खूब चर्चा हो रही थी। सरकार के भविष्य पर कयासबाजी भी खूब लगी, लेकिन ज्यों ही दोपहर में राष्ट्रपति शासन की जानकारी मिली, तो भाजपा खेमे में जश्न का माहौल छा गया।
जिले में प्रदेश के सबसे कम दो विधायक हैं। चंपावत में कांग्रेस, तो लोहाघाट में भाजपा के विधायक हैं। दोनों अपनी-अपनी पार्टी लाइन पर अडिग हैं। राष्ट्रपति शासन लगाए जाने के निर्णय से पहले लोग हरीश रावत सरकार के भविष्य को जानने के लिए टीवी से चिपके रहे। राष्ट्रीय टीवी चैनलों से लेकर प्रदेश की खबरों को प्रमुखता से देने वाले चैनलों को देखते रहे।
पल-पल की जानकारी के लिए सोशल मीडिया का भी खूब उपयोग हुआ। राष्ट्रपति शासन पर भी लोगों में मिलीजुली प्रतिक्रिया रही। अलबत्ता खरीद-फरोख्त के हथकंडे को आम लोग लोकतंत्र के लिए अशुभ मान रहे हैं। उनका कहना है कि देवभूमि में इस तरह की प्रवृत्ति भविष्य के लिए बड़ा खतरा है। कांग्रेसी खेमे में मायूसी थी, तो भाजपा का कार्यालय रविवार को बंद रहा।