चंपावत। जिले के पाटी ब्लाॅक के बहुउद्देशीय साधन सहकारी समिति दुबड़ में गबन के आरोपी सचिव जय राम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सचिव पर 81 लाख से अधिक के गबन का आरोप है।
पुलिस ने पूर्व में आरोपी सचिव पर बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था और उसकी गिरफ्तार के लिए दबिश दी जा रही थी। थानाध्यक्ष पाटी ओमप्रकाश के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मंगलवार को आरोपी निलंबित सचिव जयराम को पाटी क्षेत्र से गिरफ्तार किया। वह वर्ष 2012 से मई 2024 तक सचिव के पद पर तैनात था। इस दौरान उसने किसानों के खातों में गड़बड़ी कर रुपये का गबन किया।
इसकी शिकायत और किसानों के आंदोलन के बाद सदस्य सचिव जिला प्रशासनिक कमेटी जिला सहकारी समितियां उत्तराखंड की ओर से पांच सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया। जांच के बाद निलंबित सचिव को समिति और काश्तकारों का 81,08,948 रुपये का गबन करना और समिति के दस्तावेजों में कूट रचना करने का दोषी पाया गया। मामले में सहायक विकास अधिकारी अनिल जोशी ने तहरीर और जांच रिपोर्ट के आधार पर थाना पाटी में बीएनएस की धारा 316, 318, 336, 338 के तहत केस दर्ज कराया था। एसपी अजय गणपति ने बताया कि मंगलवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
साढ़े तीन लाख रुपये जमा कर चुका सचिव
पाटी ब्लाॅक की दुबड़ समिति में हुई वित्तीय अनियमितता मार्च 2024 में पकड़ में आई थी। समिति सदस्यों पर लगा ऋण कम होने और समिति पर जिला सहकारी बैंक (डीसीबी) की अधिक देनदारी होने से गड़बड़ी का अंदेशा हुआ। सहायक निबंधक (एआर) सुभाष गहताेड़ी ने एडीओ से सत्यापन कराया। अभिलेखों में गड़बड़ी मिली। वित्तीय वर्ष 2023-24 में 3.50 लाख रुपये का गबन मिलने पर सचिव ने इसे जमा करा दिया। आरोपी सचिव को पिछले वर्ष अप्रैल में निलंबित कर दिया गया था।
वर्ष 1998 में लेखाकार के तौर पर हुआ था भर्ती
एआर सुभाष गहतोड़ी ने चार मार्च 2025 को जांच समिति को स्मरणपत्र भेजकर शीघ्र अंतिम आख्या उपलब्ध कराने को कहा है। उच्च अधिकारी ने बताया कि 2010 से दस्तावेजों का मिलान करने पर 64 लाख रुपये की अनियमितता सामने आई थी। आरोपित सचिव वर्ष 1998 में लेखाकार के तौर पर समिति में आया था। वर्ष 2010 में सचिव बनते ही उसने खेल शुरू कर दिया था।
जांच में गबन की पुष्टि हुई थी
डीएम नवनीत पांडेय ने बताया कि सहकारी समिति दुबड़ गबन के गंभीर प्रकरण के दृष्टिगत आठ अगस्त 2024 को पांच सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया था। इसमें समिति के सचिव जयराम के कार्यकाल की जांच कराई गई। समिति ने पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच करते हुए अपनी अंतरिम रिपोर्ट 14 अप्रैल को प्रस्तुत की। इसके आधार पर बीती 16, 17 और 18 अप्रैल को समिति के कार्यालय में सार्वजनिक जनसुनवाई आयोजित की गई। 21 अप्रैल को जांच रिपोर्ट अनुसार समिति में 81,08,848 की धनराशि के गबन, वित्तीय अनियमितता और अभिलेखों गड़बड़ी की बात सामने आई। सहायक निबंधक सहकारिता सुभाष चंद्र गहतोड़ी की ओर से दोषी सचिव से वसूली के लिए नोटिस जारी किया जा चुका है। इसके अलावा विरुद्ध सेवा नियमों और सहकारी अधिनियम नियमावली के तहत विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई भी जारी है।
कोट
पाटी ब्लाॅक के बहुउद्देशीय साधन सहकारी समिति दुबड़ के सचिव जयराम ने किसानों के खातों और समिति के कागजों में कई प्रकार की अनियमितता की हैं। कई किसानों ने सीधे सचिव के खाते में धनराशि डाली है। आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसा न हो। - नरेंद्र उत्तराखंडी ऊर्फ हरीश शर्मा, किसान
कोट
समिति के सचिव जयराम ने वर्ष 2012 से मई 2024 तक किसानों से कृषि ऋण को जमा करने के लिए कई बार रुपये लिए लेकिन ऋण को जमा नहीं किया गया। जांच की मांग के लिए करीब 52 दिन धरना-प्रदर्शन किया गया। इसी का नतीजा है कि अब गबन का केस उजागर हुआ है। - केशव दत्त, किसान