बांजा गांव में भूस्खलन के खतरे का जायजा लेते एसडीएम हिमांशु कफल्टिया व राजस्व विभाग की टीम।
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टनकपुर (चंपावत)। एसडीएम हिमांशु कफल्टिया ने पर्यटन स्थल श्यामलाताल क्षेत्र का दौरा कर बिसौरिया नाले के भूस्खलन से बांजा और आसपास के गांवों को पैदा हुए खतरे का निरीक्षण किया। एसडीएम ने माना कि बांजा और सियाला गांव पर भावी खतरा मंडरा रहा है। वहां बसे परिवारों का अयंत्र विस्थापना ही सुरक्षा का विकल्प है। उन्होंने रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजने की बात कही है।
बिसौरिया नाले के कटाव से श्यामलाताल के आसपास के गांवों पर सालों से भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है। पिछले दिनों हुई बारिश से बांजा गांव की पहाड़ी तक इसकी चपेट में आ गई है। बड़ी-बड़ी दरारें पड़ने से समूची पहाड़ी के कभी भी धंसने का खतरा बना हुआ है। शनिवार को राजस्व विभाग की टीम के साथ श्यामलाताल पहुंचे एसडीएम कफल्टिया ने बांजा और आसपास के गांवों का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। बताया कि बांजा की पूरी पहाड़ी में धंसाव हो रहा है और कभी पहाड़ी के भूस्खलन की चपेट में आने का खतरा बना है। उन्होंने कहा कि उक्त क्षेत्र में बसे परिवारों का विस्थापन ही सुरक्षा का एकमात्र विकल्प है। इसके संबंध में जल्द रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। निरीक्षण में राजस्व निरीक्षक गोविंद गिरी, उप निरीक्षक अमर सिंह मंगला, पवन जुकरिया, सुरेश कुमार, करनैल सिंह, वीरेंद्र सिंह नेगी आदि थे।