प्रशासन ने सरकारी भूमि की खरीद-फरोख्त मामले को गंभीरता लेते हुए शनिवार को संयुक्त सर्वे कराया। एसडीएम ने वन विभाग और यूपी सिंचाई विभाग के नक्शों का मिलान कर मौके का स्थलीय निरीक्षण किया। नाले को पाटकर समतल की गई भूमि पर पुन: नाला खोदने के साथ ही भूमि पर की गई घेरबाढ़ को हटवाने के निर्देश दिए। साथ ही वन विभाग के फारेस्टर को वहां प्लांटेशन करने को कहा।
सरकारी भूमि पर खरीद-फरोख्त की खबर अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया। पंपापुर में तीन दिन पहले 15 जून को नाले वाली भूमि पर जेसीबी और ट्रैक्टर लगाकर समतलीकरण किया गया था। यह भूमि किस विभाग की है, यह जानने के लिए शनिवार को एसडीएम नरेश चंद्र दुर्गापाल के नेतृत्व में संयुक्त सर्वे किया गया। एसडीएम ने भूमि वन विभाग की बताई। उन्होंने वन विभाग के फारेस्टर राजेंद्र चंद को उक्त भूमि पर फेंसिंग हटाने, पाटी गई भूमि पर पुन: नाला खुदान के साथ ही पौधरोपण के निर्देश दिए।
इस दौरान पूर्वी तराई वन प्रभाग के ट्रेनी डीएफओ (आईएफएस) अमित कुंवर, रेंजर सुरेश चंद्र मैंदोला, शारदा हेडवर्क्स (यूपी सिंचाई विभाग) के एसडीओ बीएस यादव, जिलेदार परमानंद पंत, थानाध्यक्ष विनोद यादव, एलआईयू के हरीश कन्याल, मो.आसिफ आदि मौजूद थे। बता दें कि करीब सवा एकड़ भूमि में से तीन बीघा सरकारी भूमि की खरीद-फरोख्त की गई है।