टनकपुर के छीनीगोठ गांव के राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में बरसात के दौरान पढ़ाई करना बेहद जोखिमभरा है। अब इस समस्या से जल्द ही निजात मिल सकेगी।
अमर उजाला की ओर से प्रमुखता से इस खबर को 14 अगस्त को छापने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया। विभाग ने छीनीगोठ विद्यालय के भवन की जरूरी मरम्मत के लिए तीन लाख रुपये जिला योजना से स्वीकृत किए हैं।
मुख्य शिक्षाधिकारी आरसी पुरोहित ने बताया कि छीनीगोठ विद्यालय में छत, फर्श आदि की मरम्मत के लिए ये रकम ग्रामीण निर्माण विभाग को दे दी गई है। इससे छत, फर्श आदि की टूटफूट को दूर किया जाएगा।
2015 में उच्चीकृत हो राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बने इस स्कूल में फिलहाल 180 छात्र-छात्राएं हैं। सामाजिक कार्यकर्ता राजू बिष्ट सहित तमाम ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दौरान यहां छात्रों का हर पल खतरे के बीच गुजरता है। मरम्मत के लिए रकम मिलने से हालात कुछ बेहतर हो सकेंगे।
13 स्कूलों के कार्यों के लिए अवमुक्त हुए 79 लाख
चंपावत। शिक्षा विभाग ने छीनीगोठ के अलावा सिप्टी, पल्सों, बनबसा, सैलानीगोठ, गैड़ाखाली, टनकपुर, रेगड़ू, काकड़, मऊ, दिगालीचौड़, पाटी और कामाल्यूला स्कूल की मरम्मत, मैदान निर्माण और स्मार्ट कक्षाओं के लिए धन अवमुक्त किया है। सीईओ आरसी पुरोहित ने बताया कि इन कार्यों के लिए ग्रामीण निर्माण विभाग को 79 लाख रुपये दिए गए हैं।
राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का जीर्णशीर्ण फर्श।- फोटो : CHAMPAWAT
छीनीगोठ राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का जीर्णशीर्ण फर्श।- फोटो : CHAMPAWAT