पहाड़ की नारियां वक्त आने पर अपने पराक्रम का लोहा मनवाने में पीछे नहीं रहतीं। शनिवार को जंगल में पत्नी के साथ बकरियों को चराने गए छीनीगोठ के खिलानंद तिवारी (61) पर भालू ने हमला किया तो उनकी पत्नी भावना (56) उन्हें बचाने के लिए अपनी जान की परवाह किए बिना भालू से भिड़ गई और वहां पड़ी लाठी से पीट-पीटकर भालू को खदेड़ दिया। इसके बाद भावना पति को अकेले घर तक लाई और फिर ग्रामीणों की मदद से उसे संयुक्त चिकित्सालय ले गई, जहां इलाज के बाद उसे घर भेज दिया गया है।
खिलानंद ने खुद भी पांच मिनट तक भालू से संघर्ष किया। अगर भावना उन्हें बचाने के लिए नहीं आती तो कुछ भी हो सकता था। भालू ने खिलानंद के हाथ, पैर और जांघ पर गहरे घाव किए हैं। सूचना पर वन दरोगा दान सिंह भाकुनी, वन वीट अधिकारी महेश अधिकारी आदि भी अस्पताल पहुंचे और उन्होंने घायल का हाल जाना। वन क्षेत्राधिकारी ख्याली राम आर्य ने बताया कि पीड़ित को मुआवजे के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है।