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लोहाघाट नगर में बचे देवदार के 3147 पेड़ 

Mon, 25 Apr 2016 12:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, लोहाघाट (चंपावत)।
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देवदार के पेड़ बचेंगे - फोटो : अमर उजाला
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लोहाघाट (चंपावत)। दुर्लभ प्रजाति के देवदार वृक्षों के संरक्षण के लिए नगर क्षेत्र में देवदार के पेड़ों की गिनती कर उनमें नंबरिंग का काम पूरा हो गया है। एसडीएम सीएस डोबाल ने वन विभाग, नगर पंचायत, राजस्व विभाग की संयुक्त टीम गठित कर देवदार पेड़ों की गिनती कर नंबरिंग करने का काम सौंपा था। नंबरिंग का ये काम पेड़ों को बचाने के लिए कराया गया है। ये काम करीब तीन महीने में पूरा हुआ है।
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राज्य बनने से पहले लोहाघाट क्षेत्र में करीब 6100 देवदार के पेड़ थे। मगर इनको निशाना बनाए जाने से ये संख्या लगातार कम होती गई। गिनती पूरी होने के बाद किए गए खुलासे के बाद ये तस्वीर सामने आई है। राजस्व उप निरीक्षक जगदीश राम ने बताया कि नगर क्षेत्र में 3147 देवदार के पेड़ हैं। इनमें छोटे पेड़ों को शामिल नहीं किया गया है। भेड़खान एवं आदर्श कॉलोनी में सर्वाधिक पेड़ सूखे हैं।

वन विभाग एवं प्रशासन ने दुर्लभ प्रजाति के पेड़ों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। जिसके तहत पेड़ों को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों को चिन्हित कर उनसे जुर्माना वसूला जा रहा है।
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लोगों का कहना है कि देवदार के वृक्ष लोहाघाट नगर की शान हैं, जो यहां आने वाले पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। इसके बावजूद इन वृक्षों को यहां के ही लोग उजाड़ने में लगे हैं। लोगों द्वारा पेड़ सुखाने के लिए तमाम हथकंडे अपनाए जाते हैं। पेड़ों की जड़ों में मिट्टी, यूरिया डालने, आग लगाने, कील ठोकने, शाखाओं को काटने से पेड़ सूख जाता है। 

रेंजर दीप जोशी का कहना है कि विभाग द्वारा पेड़ों को सुखाने, नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने 45 लोगों का चालान कर उनसे जुर्माना वसूला है। उनका कहना है कि पेड़ों में कील ठोकने, शाखाओं को काटने, पेड़ों को सुखाने वालों के खिलाफ पांच हजार रुपये जुर्माना निर्धारित किया गया है।

उनका कहना है कि लोहाघाट क्षेत्र में देवदार के गिरे और सूखे पेड़ों का निस्तारण किया गया है। रेंजर दीप जोशी के मुताबिक करीब 400 पेड़ों को निस्तारित कर छपान, कटान के लिए वन विकास निगम के सुपुर्द किया गया है।
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