चंपावत जिले की कांग्रेस में भारी उथलपुथल मच गई है। शनिवार को पार्टी को बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष, दो मंडलों के अध्यक्ष, अनुसूचित जाति-जनजाति प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष, पूर्व युकां जिलाध्यक्ष, पूर्व महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष, भेषज संघ के पूर्व अध्यक्ष कांग्रेस से नाता तोड़ा भाजपा में शामिल हो गए। उन्होंने हल्द्वानी में शनिवार को भाजपा का दामन थामा।
इन नेताओं ने पार्टी से अलग होने की वजह स्थानीय विधायक हेमेश खर्कवाल की कार्यप्रणाली और उनके तौर-तरीकों से नाराजगी बताई है। अलबत्ता इनमें से ज्यादातर नेता पिछले सप्ताह भाजपा में शामिल हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य के करीबी माने जाते हैं।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहन राम, एससी-एसटी प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष भरत राम, पूर्व युकां जिलाध्यक्ष व चंपावत के पूर्व ब्लाक प्रमुख बहादुर सिंह फर्त्याल, भेषज संघ के पूर्व अध्यक्ष सज्जन वर्मा, पूर्व महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष व पूर्व जिला पंचायत सदस्य विमला सजवान, टनकपुर के मंडल अध्यक्ष याकूब अंसारी, बनबसा के मंडल अध्यक्ष मानी चंद ने पार्टी से अलग होकर भाजपा के कमल को थाम लिया। सज्जन वर्मा को छोड़ शेष लोगों को हल्द्वानी में सांसद भगत सिंह कोश्यारी ने पार्टी में शामिल कराया।
यद्यपि पार्टी छोड़ने वाले ज्यादातर नेता हरीश रावत विरोधी गुट के माने जाते थे, लेकिन इन दिग्गजों के अलग होने से कांग्रेस को तात्कालिक तौर पर बड़ा नुकसान हो सकता है। उधर भाजपा जिलाध्यक्ष हिमेश कलखुड़िया ने कहा कि इन नेताओं के साथ आने से पार्टी की ताकत में इजाफा होगा।