ग्राम्य विकास सामान्य संवर्ग मिनिस्टीरियल एसोसिएशन ने पुनर्गठन ढांचे मेें पदों की कटौती किए जाने पर गहरी नाराजगी जताई है। कहा कि इससे चंपावत सहित प्रदेश के तीन छोटे जिले प्रभावित हो रहे हैं। इससे कनिष्ठ कर्मियों की पदोन्नति के अवसर प्रभावित हो रही है। इस संबंध में संगठन की जिला इकाई ने प्रांतीय नेतृत्व को ज्ञापन भेजा है।
मिनिस्टीरियल एसोसिएशन के जिला महामंत्री जीएस नेगी का कहना है कि पुनर्गठित ढांचे में पदों की संख्या में कमी की गई है। पूर्व में प्रशासनिक अधिकारी और मुख्य सहायक के चार-चार पद थे। इनमें से दो-दो पदों की कटौती कर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के एक-एक पद को बढ़ाया गया है। पुनर्गठन में पदों की कटौती से चंपावत, बागेश्वर और रुद्रप्रयाग जैसे छोटे जिलों को नुकसान होगा। संगठन ने इन तीनों जिलों में पूर्व में सृजित प्रशासनिक अधिकारी और मुख्य सहायक के पद चार-चार ही रखने की मांग की है।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश में इन तीन जिलों में मुख्य विकास अधिकारी का पद प्रांतीय नागरिक सेवा के बजाय ग्राम्य विकास कैडर के अधिकारी को दिया जाता है।