डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय ने बीएडीपी के कार्यों की समीक्षा के दौरान संतोषजनक जवाब नहीं देने पर सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता को कड़ी फटकार लगाई। यही नहीं उन्होंने बैठक से गैरहाजिर नगरपालिका चंपावत के ईओ अभिनव कुमार, उप परियोजना निदेशक जलागम संदीप कुमार और उरेडा के अधिकारी पीडी रावत का वेतन रोकने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि बिना तैयारी के बैठक में आने और अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों के वेतन का भुगतान नहीं किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने बीएडीपी एवं अन्य योजनाओं से स्वीकृत निर्माण स्थलों पर पूरी सूचना के साथ साइनबोर्ड लगाने के निर्देश भी दिए हैं।
डीएम ने सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में बीएडीपी के कार्यों की समीक्षा बैठक की। डीएम ने कार्यदायी संस्थाओं द्वारा पुलिया, लैब, वाटर हार्वेस्टिंग, कक्षाकक्ष, खेल मैदान, वनीकरण, चहारदीवारी आदि निर्माणों का स्वयं सत्यापन करने और कमी पाए जाने पर उसे दूर कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी अधिकारियों को मासांत तक ई-टेंडरिंग पूर्ण करने के निर्देश भी दिए, जिससे कार्य प्रारंभ किए जा सकें। डीएम बीस सूत्री कार्यक्रम में कई विभागों के डी और सी श्रेणी प्राप्त करने पर नाखुश दिखे।
बैठक में ये रहे मौजूद
मुख्य विकास अधिकारी टीएस मर्तोलिया, परियोजना निदेशक एचजी भट्ट, एपीडी विम्मी जोशी, जिला विकास अधिकारी संतोष कुमार पंत, सीएओ आरसी पुरोहित, सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी, सीएमएस डॉ. आरके जोशी, संख्याधिकारी एनबी बचखेती, ईई आरडब्ल्यूडी केके जोशी, विद्युत राजेश मौर्या, जल संस्थान बिलाल यूनुस, जीएम डीआईसी मीरा बोहरा, उद्यान अधिकारी एनके आर्या, खंड विकास अधिकारी पीएस रावत, एमसी परगाई सहित संबंधित विभागों के अधिकारी।