चंपावत। प्राइवेट स्कूलों के प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों की शुक्रवार को बीआरसी सभागार में बैठक हुई। जिसमें उप शिक्षा अधिकारी अंशुल बिष्ट ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) 2009 के विभिन्न प्रावधान बताए। बताया कि किसी भी स्कूल की दूसरी शाखा संचालित नहीं होगी। हर शाखा को मान्यता के लिए आवेदन करना होगा। अन्यथा संचालन बंद करें।
मानक पूरे किए बिना मान्यता नहीं मिलेगी। जिला समन्वयक अजय कुमार चौबे ने बताया कि कोई भी स्कूल अपने परिसर में यूनिफार्म और किताबें नहीं बेचेगा। स्कूल स्तर पर अलग आरटीई सेल गठित किया जाएगा। समन्वयक बंशीधर थ्वाल ने संचालन किया। आरटीई प्रभारी कैलाश चंद्र पांडेय, ब्लॉक समन्वयक श्याम सिंह लडवाल, रुद्र सिंह बोहरा, उमेश चंद्र भट्ट, भूपेंद्र पाल, देवीदत्त जोशी, दिवाकर भट्ट, कवींद्र सिंह तड़ागी, एमसी शर्मा, गीता तिवारी, हीराबल्लभ तिवारी, नवीन सोराड़ी, सुरेश जोशी, रोहित रावत, सुरेंद्र सामंत, तिलकराज उप्रेती, संजय मुरारी, प्रकाश जोशी, निर्मल सिंह, कमल शर्मा, प्रकाश चंद्र जोशी, ईश्वरी दत्त जोशी आदि थे।
चंपावत। जिला समन्वयक अजय कुमार चौबे के अनुसार आरटीई के प्रावधानों की जानकारी देने के लिए पांच अप्रैल को टनकपुर में जिला स्तरीय वर्कशॉप आयोजित की जाएगी। जिसमें विभागीय अधिकारियों समेत एसडीएम, सीओ, एआरटीओ आदि भी प्रतिभाग करेंगे।
चंपावत। आरटीई एक्ट के तहत मानकों का अनुपालन न करने पर जिले में चार स्कूलों पर मान्यता की तलवार लटक गई है। जिला समन्वयक के अनुसार सरस्वती शिशु मंदिर बडोली, सरस्वती शिशु मंदिर सूखीढांग, यूनिवर्सल स्कूल चंपावत, ग्लोरियस एकेडमी को तीन साल पहले अस्थायी मान्यता प्रदान की गई थी, जो निर्धारित समय पर मान्यता की औपचारिकताएं पूरी नहीं कर पाए हैं।