भारतोली हादसे के बाद पीपीपी अस्पताल की बेशर्मी का वाकया सामने आया। सड़क दुर्घटना के घायलों को टांके लगाने के नाम पर एक स्वास्थ्य कर्मी ने घायलों से 700 रुपये वसूले। शिकायत होने पर रुपये वापस किए गए। एक तरफ घायलों के त्वरित और बेहतर इलाज के लिए चौपर से तीन लोगों को हल्द्वानी एसटीएच भेजा गया। वहीं यहां के पीपीपी अस्पताल ने यहां भर्ती सात घायलों में से कुछ लोगों से रुपये वसूलने की कोशिश की।
घायलों के परिजन मनोज कालाकोटी ने बताया कि संजय, जगदीश, हेतराम और रोशन लाल को टांके लगाने के एवज में फीस के नाम पर तकनीशियन मोरपाल सिंह ने घायलों के तीमारदारों से 700 रुपये ऐंठ लिए। मनोज ने बताया कि इस तकनीशियन ने कहा कि यह उसकी फीस होती है। इस रकम को लेने के बाद कोई रसीद भी नहीं दी गई। इस बात की भनक लगने पर कुछ लोगों ने इसकी शिकायत अस्पताल प्रशासन से की। तब जाकर तकनीशियन ने मनोज को रुपये वापस कर दिए।
प्रबंधन ने तकनीशियन को हटाया
शिकायत मिलने के बाद पीपीपी अस्पताल प्रबंधन ने आरोपी ओटी तकनीशियन को तत्काल हटा दिया है। पीपीपी मोड के प्रबंधक शिव श्रीवास्तव का कहना था कि घायलों को बेहतर इलाज देने के लिए पीपीपी मोड के डॉक्टरों ने पूरी ताकत झोंकी। तकनीशियन मोरपाल सिंह ने घायलों के परिजन से रुपये लेकर निंदनीय काम किया है। इसके लिए तकनीशियन को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। उधर, प्रभारी सीएमओ डा.रश्मि पंत ने कहा कि दुर्घटना में घायलों से इलाज के तहत किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता है।