मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि वे दिल्ली के दाढ़ी वाले बाबा की तरह बड़ी बातें नहीं करते, काम करने पर भरोसा करते हैं। कांग्रेस प्रत्याशी हेमेश खर्कवाल के समर्थन में हुई चुनावी सभा में केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते उन्होंने कहा कि आपदा के वक्त राज्य की अनदेखी करने वाले अब चुनावों में फसल लूटने धमक गए हैं, लेकिन लोग राज्य के हितों को दरकिनार करने वालों को पहचानती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हर का साथ, हर का विकास की नीति पर चल रही है।
रावत ने कहा कि उन्होंने गरीबी को नजदीक से महसूस किया, लिहाजा वे राज्य के हर कमजोर का भाई बनना चाहते हैं। इसके लिए विधवा, विकलांग, किसान, कर्मकार, मजदूर, डंगरिए से लेकर कई पेंशन योजनाएं शुरू करने के साथ पेंशन राशि में वृद्धि की। इसमें हर साल बढ़ोतरी होगी। तीन साल में सामाजिक पेंशनधारक 1.74 लाख से बढ़कर 7.25 लाख हो गए। जिसे एक साल में 10 लाख तक करने का लक्ष्य है।
सीएम ने कहा कि अनेकों योजनाओं के जरिए राज्य को महिला सशक्तीकरण का मॉडल बनाने का काम शुरू किया गया है। 2018 तक सभी गांवों को रोड से जोड़ने की योजना को मंजूरी मिल जाएगी। गहत, मडुवा सहित उत्पादित खेती को बढ़ावा देकर पर्वतीय अर्थव्यवस्था को ताकत देने का काम किया गया है। वरिष्ठ उपाध्यक्ष रमेश उप्रेती की अध्यक्षता व पूरन कठायत के संचालन में हुई सभा में प्रदेश प्रवक्ता डा.महेश ढेक, श्याम कार्की, सुधीर साह, सूरज प्रहरी, अशोक वर्मा, जानकी खर्कवाल, पानदेव भट्ट, बिंदु सिंह मौनी, मोहन जोशी, तारादत्त जोशी आदि ने विचार रखे।