लोहाघाट (चंपावत)। टनुकपुर-लोहाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्वाला के पास पहाड़ी से मलबा आने के चलते एनएच बंद हो गया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। लोहाघाट डिपो की अधिकांश बसें रास्ते में फंसने से यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
पहाड़ी से लगातार गिर रहे मलबे को देखते हुए प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए वाहनों को चंपावत में ही रोक दिया। बसों का संचालन न होने पर सरकार की ओर से बहनों को सरकारी बसों में दी गई निशुल्क सेवा का लाभ नहीं मिल पाया। रोडवेज के एजीएम धीरज वर्मा ने बताया कि शुक्रवार को दिल्ली, गुरुग्राम, देहरादून, पोंटासाहिब, हल्द्वानी, काशीपुर, हल्द्वानी आदि रूटों पर 15 बसें भेजी गई थीं जो एनएच बंद होने के चलते स्वाला में फंस गई।
उन्होंने बताया कि कुछ बसों को टनकपुर लौटा दिया गया। शनिवार को डिपो से दिल्ली के लिए दो और हल्द्वानी के लिए एक बस भेजी गईं जिन्हें प्रशासन ने एनएच बंद होने के चलते चंपावत में रोक दिया है। उन्होंने बताया कि एक बस को चंपावत अप-डाउन में लगाकर यात्रियों को राहत दी गई। एक बस देवीधुरा मेले में भेजी गई। एजीएम ने बताया कि एनएच बंद होने के चलते डिपो को करीब ढाई लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
15 घंटे बाद भी नहीं खुला पाया एनएच, यात्री रहे परेशान
चंपावत। जिले में लगातार हो रही बारिश के चलते शनिवार सुबह से एनएच बंद रहा। इससे यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। शनिवार सुबह साढे पांच बजे से बारिश के चलते भारी मात्रा में डेंजर जोन स्वाला में मलबा आने से यातायात बाधित हो गया। इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं। 15 घंटे बीतने के बाद भी मार्ग पर यातायात सुचारु नहीं हो पाया। इससे टनकपुर से आने वाले वाहनों को चल्थी और चंपावत से जाने वाले वाहनों को बनलेख में रोका गया।
देर शाम को कुछ दोपहिया वाहनों के लिए सड़क को खोला गया लेकिन कुछ समय बाद मलबा आने से मार्ग फिर से बंद हो गया। विभाग की ओर से सड़क को खोलने के लिए पोकलेन और लोडर मशीन लगाई गई है। पिछले 24 घंटे में चंपावत में 21 मिमी, लोहाघाट में 10.20 मिमी, पाटी में पांच मिमी, टनकपुर में 27 मिमी और बनबसा में 29 मिमी बारिश दर्ज की गई। संवाद