बस स्टेशन का निरीक्षण करते डीएम डा.अहमद इकबाल व अन्य अधिकारी
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बजट की कमी से शुरू नहीं हो पा रहा चंपावत रोडवेज बस स्टेशन अगले चार महीनों में बस खड़े करने लायक बन जाएगा। मंगलवार को जिलाधिकारी डॉ.अहमद इकबाल ने बस स्टेशन परिसर का मुआयना कर स्टेशन को मार्च तक संचालन लायक बनाने के निर्देश दिए। इसके लिए लोक निर्माण विभाग को परिसर के समतलीकरण, दो द्वार बनाने सहित अन्य निर्माण कार्य के आगणन बनाने को कहा गया। इस काम में खर्च होने वाली रकम की व्यवस्था जिला प्लान से की जाएगी।
चंपावत में टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर रोडवेज की बसों के खड़े होने से यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। साथ ही जाम से लेकर सड़क सुरक्षा पर भी इसका असर पड़ रहा है। रोडवेज स्टेशन के लिए पिछले साल लोनिवि के खंड कार्यालय की जमीन उपलब्ध कराई गई थी। तब आवासीय परिसर में लोनिवि खंड को स्थापित कर दिया गया था। लेकिन रोडवेज परिसर के समतलीकरण न होने, एक ही गेट होने सहित कई दिक्कतों की वजह से यहां स्टेशन शुरू नहीं किया जा सका था।
अब प्रशासन ने रोडवेज परिसर के लिए बजट मिलने तक अपने स्तर से व्यवस्था करने का निर्णय लिया है। ताकि आवाजाही सुचारु होने के साथ यात्रियों को सुविधा मिल सके। रोडवेज स्टेशन के प्रभारी आरसी पांडेय व एनडी जोशी ने स्टेशन के सुधारी करण के सुझाव दिए। मुआयने में एडीएम हेमंत कुमार वर्मा, एसडीएम सीमा विश्वकर्मा, एनएच खंड के सहायक अभियंता एचसी पांडेय, लोनिवि के अधिकारी आदि मौजूद थे।
3.5 करोड़ की डीपीआर को मंजूरी नहीं मिली
चंपावत में रोडवेज बस स्टेशन के लिए पुराने लोनिवि खंड कार्यालय परिसर की भूमि के हस्तांतरण का कार्य नौ अगस्त 2016 में ही पूरा हो गया था। साथ ही स्टेशन के निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) भी शासन को भेजी गई, लेकिन अभी तक डीपीआर को मंजूरी नहीं मिली है। पेयजल निर्माण निगम (सीएनडीएस) ने रोडवेज स्टेशन निर्माण के लिए 3.5 करोड़ रुपये की डीपीआर शासन को भेजी, लेकिन धन आवंटन नहीं होने से स्टेशन निर्माण का कार्य अधर में लटका हुआ है। लोनिवि की 23 नाली भूमि का हस्तांतरण परिवहन निगम को कर दिया गया था। मगर जरूरी सुविधा नहीं होने से इस जमीन का उपयोग स्टेशन के रूप में नहीं हो पा रहा है।