चंपावत रोडवेज बस स्टेशन में बस में सीट के लिए मची मारामारी।
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चंपावत रोडवेज स्टेशन का पूछताछ कक्ष बुधवार को तीन बजे ही बंद हो गया। इसके चलते लोगों को बसों की आवाजाही की जानकारी के लिए परेशानी झेलनी पड़ी। इस साल 27 जनवरी को चंपावत में रोडवेज बस स्टेशन शुरू हुआ।
बस स्टेशन संचालन के लिए सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक के लिए चार कर्मी तैनात किए गए। मगर बुधवार को बस स्टेशन का पूछताछ कक्ष निर्धारित समय से दो घंटे पूर्व यानी अपराह्न तीन बजे ही बंद हो गया। इस वजह से टनकपुर और पिथौरागढ़ की तरफ जाने वाली बसों की जानकारी देने के लिए कोई नहीं था। लोहाघाट डिपो के वरिष्ठ स्टेशन प्रभारी भुवन चंद्र आर्या ने कहा कि निर्धारित वक्त तक पूछताछ कक्ष खुला रहना चाहिए था। मामले की पड़ताल कर जरूरी कार्यवाही की जाएगी।
बसों के लिए हो रही मारामारी
चंपावत। बसों की कमी से यहां मुसाफिरों को भारी परेशानी हो रही है। मैदानी क्षेत्रों को जाने वाले लोगों को बसों के लिए मारामारी करनी पड़ रही है। वहीं चंपावत से टनकपुर के बीच के स्टेशनों की सवारी भी बस स्टाफ नहीं ले रहे हैं।
इधर लोहाघाट डिपो के वरिष्ठ स्टेशन प्रभारी भुवन चंद्र आर्या का कहना है कि निर्माणाधीन बारहमासी मार्ग में वाहनों की टूटफूट की वजह से बसों की कमी हो रही है। चंपावत बस स्टेशन में जहां फरवरी में हर दिन 24 बसें रुकती थी, वहीं इस माह ये संख्या काफी कम हो गई। 24 अप्रैल को यहां महज 16 बसें ही आई। ब्यूरो