चंपावत। नेपाल सीमा से लगे चंपावत ब्लॉक के तल्लादेश क्षेत्र के लोगों के लिए जल्द विकास के नए द्वार खुलेंगे। तल्लादेश क्षेत्र को अगले दो साल में नई सड़क मिलेगी। टनकपुर-जौलजीबी (टीजे) रोड के रूपालीगाड़ वाले बिंदु से तामली को जोड़े जाने से इन ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधा बढ़ने के साथ विकास में भी तेजी आएगी। सड़क बनने के बाद तल्लादेश क्षेत्र के लोगों की मैदानी क्षेत्र टनकपुर से दूरी 61 किलोमीटर कम हो जाएगी। इससे तल्लादेश क्षेत्र की 18 ग्राम पंचायतों के 9915 लोगों को सीधा लाभ होगा।
शासन ने नेपाल सीमा से लगे तल्लादेश के तामली को टीजे रोड से जोड़ने के लिए चार माह पूर्व शासनादेश जारी किया था। शासन 151.06 लाख रुपये के आगणन के सापेक्ष 21 लाख रुपये की संस्तुति कर चुका है। अब लोक निर्माण विभाग ने सड़क निर्माण के लिए सर्वेक्षण कार्य की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके अंतर्गत घाट ट्रैसिंग, भूगर्भीय सर्वेक्षण, समरेखन प्रस्ताव का गठन, संदर्भ पिलर आदि का काम होगा। सर्वेक्षण के लिए पंजीकृत कंपनी तय करने के लिए निविदा की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक सर्वेक्षण कार्य फरवरी 2023 तक पूरा होगा।
चंपावत आए बगैर टनकपुर पहुंचेंगे तल्लादेश के लोग
चंपावत। तल्लादेश के तामली से रूपालीगाड़ तक 14 किलोमीटर के इस हिस्से के जुड़ने से तामली से टनकपुर की दूरी मात्र 66 किमी रह जाएगी जबकि इस वक्त तामली से टनकपुर जाने के लिए चंपावत होते हुए 127 किमी का फासला तय करना पड़ता है। नई सड़क बनने से तल्लादेश क्षेत्र के लोग चंपावत आए बगैर टनकपुर पहुंच सकेंगे।
इन 18 ग्राम पंचायतों को होगा लाभ
पोलप, तामली, कारी, सिमियाउरी, निनौड़ी, रियासी बमनगांव, रमैला, सौराई, बकोड़ा, हरम, दुबड़ जैनल, मंच, गुरखोलीगूंठ, रूइया कफल्टा, कफल्टा मल्ला, आमनी और बचकोट।
तल्लादेश को होंगे ये फायदे
1.मैदानी क्षेत्र टनकपुर की दूरी में 61 किमी की कमी आएगी।
2.आवाजाही में ढाई घंटे कम लगेंगे।
3.तल्लादेश के पहाड़ से टनकपुर जाने के लिए किराये में 40 प्रतिशत की कमी आएगी।
4.बरसात में टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने की दशा में टनकपुर से चंपावत तक वैकल्पिक रूट भी।
तामली से रूपालीगाड़ तक 14 किमी की सड़क की कटिंग के लिए सर्वे लोनिवि शुरू करा रहा है। सर्वेक्षण का काम अगले साल मार्च तक पूरा करा लिया जाएगा। इसके बाद डीपीआर शासन को भेजी जाएगी।
- नरेंद्र सिंह भंडारी, डीएम, चंपावत।