बड़ोली गांव के लोग सड़क नहीं होने से परेशानी झेलने को मजबूर हैं। गांव में अब तक सड़क नहीं होने की मार बृहस्पतिवार को एक बुजुर्ग मरीज को झेलनी पड़ी। उन्हें पहले स्वांला तक पांच किलोमीटर डोली में लाया गया। स्वांला से गाड़ी के जरिये जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
बड़ोली गांव के टीकाराम जोशी (60) की अचानक तबियत बिगड़ी। आनन-फानन में गांव के लोगों ने डोली का इंतजाम किया। कुर्सी को डंडों से बांधकर बनाई डोली में बीमार टीकाराम को लक्ष्मी दत्त सक्टा, सतीश चंद्र थ्वाल, मोहन चंद्र सक्टा, गिरीश सक्टा, ईश्वरी दत्त सक्टा, शिरोमणि थ्वाल, गोपाल दत्त थ्वाल, भीमदत्त थ्वाल ने उन्हें सड़क पर पहुंचाया। फिर यहां से 22 किमी का सड़क सफर कर जिला अस्पताल लाया गया। डॉ.उदय शंकर ने बताया कि टीकाराम के छाती व पेट में दर्द के अलावा शरीर में संक्रमण था। मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ.आरके जोशी ने बताया कि प्राथमिक इलाज के बाद टीकाराम को हल्द्वानी रेफर कर दिया गया।
विकास व स्वास्थ्य सुविधाओं के आड़े आ रही रोड
बड़ोली गांव तक सड़क की स्वीकृति एक साल पूर्व हो चुकी है। लेकिन काम अभी तक शुरू नहीं हो सका है। गांव के सामाजिक कार्यकर्ता लक्ष्मी दत्त सक्टा का कहना है कि रोड की कमी ने गांव को विकास और स्वास्थ्य सहित अन्य जरूरी सुविधाओं से वंचित कर दिया है। इसके लिए कई बार आवाज उठाने के बावजूद बात नहीं बन सकी। जबकि स्वीकृत सड़क में काम शुरू करने को लेकर ग्रामीण जयदत्त के नेतृत्व में 24 अप्रैल को महिलाओं ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन भी किया। धौन-बड़ोली मोटर मार्ग को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत मई 2017 में मंजूर किया गया है। 6.55 किलोमीटर लंबे इस मोटर मार्ग की कटिंग के लिए 444.22 लाख रुपये मंजूर हुए हैं। अधिशासी अभियंता एके वर्मन का कहना है कि वन भूमि की अनापत्ति दूर होते ही टेंडर प्रक्रिया कर ली जाएगी।