सड़क सुविधा के अभाव में वीरान पड़े बाराकोट ढुंगाजोशी गांव के मकान।
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आजादी के बाद से विकासखंड बाराकोट के ढुंगाजोशी गांव में सड़क का निर्माण न होने के कारण ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क सुविधा के अभाव में ग्रामीण गंभीर रोगियों, गर्भवती महिलाओं, वृद्धों को डोली में लाने-ले जाने को मजबूर हैं। शासन की ओर से गांव के लिए तीन किमी सड़क स्वीकृत होने के बावजूद लोनिवि द्वारा निविदाएं आमंत्रित न करने पर ग्रामीणों ने गहरी नाराजगी जताई है।
ग्रामीणों ने राज्यपाल, लोनिवि के प्रमुख अभियंता, जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजकर सड़क की निविदाएं आमंत्रित करने की मांग की है। पीजी कॉलेज लोहाघाट के पूर्व छात्रसंघ महासचिव अनिल जोशी का कहना है कि गांव के लिए पूर्व में शासन द्वारा बर्दाखान बिसराड़ी-काकड़ीघाट मोटर मार्ग के लिए 40 लाख रुपये लागत से तीन किलोमीटर सड़क स्वीकृत की गई थी लेकिन लोनिवि द्वारा ग्रामीणों की उपेक्षा करते हुए सड़क के निर्माण के लिए निविदाएं आमंत्रित नहीं की जा रही हैं।
इसके चलते उनका सड़क का सपना पूरा नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर सरकार और राजनेता गांवों से पलायन रोकने की बड़ी बड़ी बातें करते हैं दूसरी ओर उनके गांव की सड़क स्वीकृत होने के बावजूद लोनिवि द्वारा निविदाएं आमंत्रित नहीं की जा रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सड़क की निविदाएं आमंत्रित नहीं की गई तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करेंगे।
कोट
बाराकोट ब्लाक के ढुंगाजोशी के लिए स्वीकृत सड़क का सर्वेक्षण कार्य पूरा हो गया है। गांव के कुछ लोगों द्वारा सर्वे में आपत्ति की जा रही है। जल्द ही ग्रामीणों की खुली बैठक आयोजित कर आपत्ति का निराकरण करने के प्रयास किए जाएंगे। इसके बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। -बीसी पंत, ईई, लोनिवि लोहाघाट