चंपावत। प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों को सड़कों से जोड़कर पहाड़ों से पलायन रोकने, युवाओं को रोजगार और कृषि क्षेत्र में आत्म निर्भर बनाने के तमाम दावे किए जाते रहे हैं। चंपावत जिले के पाटी विकासखंड में आज भी कई गांव सड़क सुविधा से वंचित हैं। बीते तीन साल से सांगो ग्राम पंचायत के घिंघारूकोट तोक से बांस बस्वाड़ी तक सड़क विस्तारीकरण का ग्रामीणों को बेसब्री से इंतजार है।
सड़क सुविधा के न होने से लोगों को आने-जाने में कई दिक्कतों का समाना करना पड़ रहा है। वृद्धा पैंशन, स्वास्थ्य लाभ, खाद्य सामग्री जैसे जरूरी कामों के लिए बुजुर्गों को ब्लाक मुख्यालय जाना पड़ता है। घिंघारूकोट तोक से बांस-बस्वाड़ी तक सड़क के विस्तारीकरण का कार्य वर्ष 2021 से लंबित है। इस संबंध में कई बार स्थानीय लोग प्रशासन और राज्य सरकार के प्रतिनिधियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अभी तक उनकी समस्या जस-की-तस बनी हुई है।
पाटी से छिनकाछिना तक करीब 26 किमी सड़क बनी है, लेकिन यह यहां के लोगों के लिए उल्टा बांस बरेली जाने वाली जैसी कहावत है।घिंघारूकोट से बास-बस्वाड़ी तक महज 4.5 किमी सड़क का निर्माण हो जाने से यहां के हजारों लोग सीधे हल्द्वानी, चंपावत, पिथौरागढ़, टनकपुर से जुड़ सकते हैं और इससे समय भी बच सकेगा। संवाद
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पाटी विकासखंड में सड़क सुविधा से वंचित गांव
चंपावत। जिले के विकासखंड पाटी के पटनगांव, गीजू-बसान, बांस-बस्वाड़ी, जमनटाक, डौड, घिंघारूकोट जैसे कई गांव आज भी सड़क सुविधा से बंचित है। प्रस्तावित सड़कों पर वनभूमि संबंधी आपत्तियों के कारण निर्माण नहीं हो पा रहा है। ग्राम प्रधान प्रभा पांडेय, ग्रामीण नंदा बल्लभ पांडेय, धीरज पांडेय, सतीश जोशी, प्रेम सिंह बिष्ट, डीडी पांडेय आदि का कहना है कि सड़क सुविधा के अभाव में गांवों से ग्रामीणों का पलायन लगातार बढ़ रहा है। संवाद
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हाड़तोड़ मेहनत से उगाई फसल के नहीं मिल पाते दाम
चंपावत। सड़क से बंचित गांवों में प्रतिवर्ष टमाटर, गोभी, नीबू, माल्टा, खीरे, धान और गेहूं का उत्पादन बड़ी मात्रा में होता है। सड़क के न होने से लोग फसल मंडी तक नहीं पहुंचा पाते हैं। ग्रामीण देवी दत्त पांडेय, हेम चंद्र पांडेय का कहना है कि किसानों को बहुत कम दाम पर फसल बाहरी व्यापारियों को बेचनी पड़ती है। संवाद
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राज्य योजना के अंर्तगत घिंघारूकोट तोक से बांस बस्वाड़ी तक सड़क के विस्तारीकरण के लिए प्रशासकीय और वित्तीय स्वीकृति हो चुकी है। करीब 4.5 किमी सड़क के सर्वे का कार्य भी हो चुका है।
संजय चौहान, ईई, लोनिवि खंड, लोहाघाट।