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Champawat News: स्वांला और कोट अमोड़ी में मलबे ने रोकी राजमार्ग पर आवाजाही

Mon, 10 Jul 2023 12:19 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
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चंपावत। लगातार हो रही बारिश के चलते चंपावत-टनकपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर धौन-स्वांला और कोट अमोड़ी के बीच मलबे आने से आवाजाही बंद हो गई है। सडक खोलने के लिए कार्यदायी संस्था के कर्मचारी लगे हुए हैं।
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स्वांला के पास रविवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे मलबा आने से राजमार्ग बंद हो गया जिसे छह घंटे बाद खोला जा सका। इसके अलावा धौन और कोट अमोड़ी में तीन बार कई घंटों के लिए मलबा आने से जाम लग गया। उधर मलबा आने के कारण एक राज्य मार्ग सहित 14 आंतरिक मोटर मार्ग बंद हो गए हैं जिन्हें खोलने का प्रयास किया जा रहा है।



डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी ने आपदा प्रबंधन विभाग समेत जिले के सभी विभागों के अधिकारियों को मानसून काल में 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने को कहा है। संवेदनशील जगहों पर मशीनें तैनात करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिला आपदा कंट्रोल रूम के कर्मचारियों को लगातार सूचनाओं के आदान-प्रदान के निर्देश दिए हैं ताकि जिले के लोगों को असुविधा महसूस ना हो।
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अधिकतम तापमान-26 डिग्री सेल्सियस



न्यूनतम तापमान-19 डिग्री सेल्सियस







कहां कितनी हुई बारिश



चंपावत-44 मिमी



लोहाघाट-15 मिमी



पाटी-21 मिमी



बनबसा-55 मिमी








ये मोटर मार्ग हैं बंद



भारी बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों की ककरालीगेट-भैरव मंदिर, सिप्टी-अमकडिय़ा, लड़ाबोरा-क्वारसिंग, लोहाघाट-पंचेश्वर, लोहाघाट-सिमलखेत, रीठाखाल मनटांडे, पटनगांव-कजीना-पुनौली, कामाज्यूला-भनार, तिमलागूंठ-सिल्योड़ीगूंठ, पनियां-रीठाखाल, छिनकाछीना-थुवामौनी-सिमलखेत, मरोड़ाखान-दयारतोली, धूनाघाट-बरमतोड़ा और उदयूनढूंगा-कोठेरा मोटर मार्ग बंद हैं।





भारी बारिश से पार्किंग की सुरक्षा दीवार ढहने से दबे तीन वाहन



लोहाघाट (चंपावत)। भारी बारिश के चलते नगर पालिका की ओर से थाने के पास बनाई गई अस्थायी पार्किंग की सुरक्षा दीवार ढहने से वहां पार्क तीन वाहन मलबे में दब गए। इससे वाहनों को काफी नुकसान पहुंचा है। रविवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश के बाद थाने के पास बनी नगर पालिका की अस्थायी पार्किंग में खड़ी तीन कार पर सुरक्षा दीवार गिर गई जिससे वाहनों को काफी क्षति पहुंची है। दीवार ढहने की सूचना मिलते ही वाहन स्वामी मौके पर पहुंच गए। इधर भारी बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों के कई मोटर मार्ग बंद हो गए हैं। लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।


मां पूर्णागिरि धाम मार्ग के जल्द खुलने के आसार कम, बारिश ने फिर बिगाड़े हालात

टनकपुर (चंपावत)। मां पूर्णागिरि धाम मार्ग रविवार को छठे दिन भी नहीं खुल सका। शनिवार की रात हुई मूसलाधार बारिश से फिर भारी मलबा आने से हालात जस के तस बन गए हैं। रविवार सुबह से ही मलबा हटाने का काम युद्धस्तर पर चला लेकिन वहां के जो हालात हैं उससे अगले एक सप्ताह तक मार्ग के खुलने पर संशय है। हालांकि एसडीएम सुंदर सिंह की निगरानी में प्रशासन की टीम मलबा हटाने के काम में जुटी है। एसडीएम ने स्थलीय निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया और मलबा हटाने के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।


छह दिन पूर्व हुई मूसलाधार बारिश से बाटनागाड़ में भारी मलबा आने से पूर्णागिरि धाम मार्ग बंद है। नाले के पास दोनों ओर सड़क पर करीब चार फीट से ज्यादा ऊंचा मलबा आ गया है। शनिवार को दिन में मलबा हटाकर 50 मीटर सड़क खोल दी गई थी लेकिन रात में हुई मूसलाधार बारिश से फिर भारी मलबा आ गया है।



सिंचाई विभाग के एसडीओ आरके यादव, लोनिवि की जेई तनुजा देव ने बताया कि बारिश से मार्ग खोलने के काम में बाधा पहुंच रही है। एक पोकलेन और दो जेसीबी के अलावा पांच डंपरों से मलबा हटाने का काम चल रहा है। उनके मुताबिक मौके के हालात और बारिश होने से मार्ग खुलने में कितना वक्त लगेगा इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है। बहरहाल मलबा हटाकर मार्ग खोलने का प्रयास लगातार जारी है।






फिर उफान पर आया किरोड़ा नाल



टनकपुर। शनिवार की रात हुई मूसलाधार बारिश से रविवार की सुबह किरोड़ा नाला फिर उफान पर आ गया। इस कारण करीब दो घंटे तक पूर्णागिरि मार्ग के गांवों का टनकपुर से सड़क संपर्क कटा रहा। इस दौरान खेतखेड़ा, थ्वालखेड़ा, गैंड़ाखाली, उचौलीगोठ, चिलियाघोल, बूम आदि गांवों के लोगों को खासी परेशानी हुई। जरूरी काम के लिए घर से टनकपुर आने के लिए निकले लोग दो घंटे तक नाले के उस पार फंसे रहे। नाले का जलस्तर घटने के बाद लोग टनकपुर आ सके।



एसडीएम के निर्देश पर लोनिवि की टीम थोपा नाले पर पहुंची


धारचूला (पिथौरागढ़)। एसडीएम दिवेश शाशनी के निर्देश पर शनिवार को लोनिवि की टीम दारमा घाटी के चल गांव पहुंची। टीम ने धौलीगंगा का जायजा लिया। लोनिवि के सहायक अभियंता ओपी गोस्वामी, जेई अंकित सिंह, ग्राम चल के उपप्रधान दिनेश चलाल ने गांव में पहुंचकर ट्रॉली का निरीक्षण किया।



एई ने बताया कि धौलीगंगा के ऊपर की तरफ स्थित थोबा नाले का जलस्तर काफी बढ़ गया है। इससे ट्रॉली का बायां अपरमेंट क्षतिग्रस्त होकर बह गया है जबकि दायां अपरमेंट पूरी तरह सुरक्षित है। नदी पर ट्रॉली सुचारू करने के लिए बाएं ओर का अपरमेंट बनाने की जरूरत है। वर्तमान में नदी का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ है। जलस्तर कम होने के बाद ही अपरमेंट बनाने का कार्य होगा। वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में सेला से होकर चल तक पैदल मार्ग है। इसकी लंबाई छह किमी है।



उन्होंने बताया कि यह पैदल मार्ग पांच से छह स्थानों पर बह गया है। मरम्मत के बाद ही मार्ग पर आवागमन सुचारू हो पाएगा। मार्ग की मरम्मत में लगभग 3.50 लाख की लागत लगने संभावना है। बताया कि शीघ्र प्रस्ताव बनाकर प्रशासन को भेजा जाएगा। बताया कि मार्ग की मरम्मत को स्थानीय ठेकेदार, उपप्रधान दिनेश चलाल को निर्देशित कर दिया गया है। बारिश रुकते ही मार्ग की मरम्मत का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। उप प्रधान चलाल ने ही गांव के पास थोपा नाला बढ़ने से झील बनने की सूचना दी थी। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र एक भू वैज्ञानिक की टीम भेजने की मांग की है।




15 लोग जान जोखिम में डाल धारचूला रवाना

धारचूला। बीती छह जुलाई को भारी बारिश से ग्राम चल में धौलीगंगा और थोपा गधेरे का पानी बढ़ने से गांव को जोड़ने वाली ट्रॉली बह कर क्षतिग्रस्त हो गई थी। रविवार को चल गांव के 15 लोग जिनमें आठ महिला और सात पुरुष जरूरी कार्य से जान जोखिम में डाल सेला गांव से दुर्गम, क्षतिग्रस्त पैदल मार्ग से धारचूला को रवाना हो चुके हैं।



वर्तमान में ग्राम चल में किसी ग्रामीण को कोई समस्या नहीं है। मौसम ठीक होने पर ट्रॉली और पैदल मार्ग को दुरुस्त करने का कार्य शुरू किया जाएगा। किसी भी प्रकार की आपात आवश्यकता होने पर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम को भेजा जाएगा। - दिवेश शाशनी, एसडीएम, धारचूला।
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