मौसम खुलने पर मां पूर्णागिरि धाम जाते श्रद्धालु। संवाद
चंपावत। रविवार सुबह हुई बारिश के बाद दिनभर मौसम सामान्य रहा। हालांकि मलबा आने से सुबह चंपावत जिले की 12 ग्रामीण सड़कें बंद हुईं। लोक निर्माण विभाग ने जेसीबी लगाकर शाम तक छह (पटनगांव-कजीना-पुनौली, मंच-कारी, धौन-दियूरी, पुनाबे-सिप्टी-न्याड़ी, सेट्यूड़ा-दुधपोखरा और धौन-पत्थरमौन) सड़कों को खोल दिया था। लोनिवि के चंपावत के ईई बीसी पंत का कहना है कि शेष छह बंद सड़कों को खोलने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं जिले की सभी 478 पेयजल योजनाएं ठीक हाल में हैं।
चंपावत जिले की बंद छह ग्रामीण सड़कें
सिप्टी-अमकड़िया, खटोली मल्ली-वैला, अमोड़ी-छतकोट, जैगांव-जैतोली, धौन-बजौन और चल्थी-नौलापानी
चंपावत जिले में बारिश का आंकड़ा (मिलीमीटर में)
चंपावत: 22.50
लोहाघाट: 8
पाटी: 4
बनबसा: 39
दो दिन बाद देवीधाम पहुंचे श्रद्धालु
पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। भारी बारिश और बाटनागाड़ नाले में आए भारी मलबे से 30 जून और पहली जुलाई को मां पूर्णागिरि धाम में देवी दर्शन में अड़चन आई। अलबत्ता रविवार को मौसम में सुधार होने से श्रद्धालु फिर से देवी धाम पहुंचे। मंदिर समिति के अध्यक्ष पंडित किशन तिवारी ने बताया कि रविवार को 500 से अधिक श्रद्धालुओं ने देवी मां के दर्शन किए। बता दें कि पूर्णागिरि मार्ग पर रात आठ बजे के बाद आवाजाही बंद कर दी गई है।
रविवार में पूर्णागिरि धाम में श्रद्धालुओं की आवाजाही फिर से शुरू हुई। प्रशासन पूर्णागिरि धाम आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सहित सभी जरूरी सुविधाएं मुहैय्या करा रहा है। रात आठ बजे बाद आवाजाही बंद की गई है। बारिश और मौसम को देखते हुए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। - सुंदर सिंह, एसडीएम, टनकपुर।